Covid-19 Update

2,00,043
मामले (हिमाचल)
1,93,428
मरीज ठीक हुए
3,413
मौत
29,821,028
मामले (भारत)
178,386,378
मामले (दुनिया)
×

रूस के White Sea में कहां से आई ‘जलपरी’, अंडरवाटर फोटोग्राफर ने खूबसूरत तस्वीरें

रूस के White Sea में कहां से आई ‘जलपरी’, अंडरवाटर फोटोग्राफर ने खूबसूरत तस्वीरें

- Advertisement -

समुद्र के अंदर एक अलग ही दुनिया बसी हैं। वहां कई अजीबो-गरीब जीव रहते हैं जिनमें से कुछ के बारे में तो शायद हम लोग जानते भी नहीं। हाल ही में दुनिया के प्रसिद्ध अंडरवाटर फोटोग्राफर ने समुद्र के अंदर ऐसे दुर्लभ जीव का वीडियो बनाया जो बहुत कम देखने को मिलता है। ये जीव चमकता है और देख कर ऐसे लगता है कि समुद्र के अंदर कोई परी यानी एंजल घूम रही हो। व्हाइट सी के इस जीव का नाम सी-एंजल (Sea Angel) है। इसे क्लेड जिम्नोसोमाटा भी कहा जाता है। ग्रीक में जिम्नो का मतलब होता है नग्न। सोमा का मतलब होता है शरीर। इसका शरीर इतना पारदर्शी होता है कि अंदर के अंग साफ-साफ दिखाई देते हैं।

यह भी पढ़ें: Jio ने लॉन्च किया Airtel और Vodafone से सस्ता प्लान; रोजाना मिलेगा 2GB डेटा

इस बार सी-एंजल की तस्वीर ली है एलेक्जेंडर सेमेनोव ने। एलेक्जेंडर अंडरवाटर फोटोग्राफी करते हैं। इसे ट्वीट किया था दुनिया के प्रसिद्ध अंडरवाटर फोटोग्राफर एंटोनियो पेरिस ने। एंटोनियो ने लिखा है कि रूस के बर्फीले व्हाइट सी समुद्री मछलियों की तस्वीरें लेने के लिए एलेक्जेंडर गोता लगा रहे थे कि तभी उनके सामने एक सी-एंजल आ गई। उन्होंने इसकी तस्वीरें भी लीं और 23 सेकंड का वीडियो भी बनाया। इस वीडियो से मिली तस्वीरों में साफ-साफ दिख रहा है कि यह सी-एंजल अकेले समुद्र में तैरने का मजा ले रही थी। सी-एंजल बेहद छोटे और अकशेरूकीय जीव होते हैं। जब ये तैरते हैं तो इनसे रोशनी निकलती है। ऐसा लगता है कि कोई परी जिसके सिर पर ताज हो वह घूम रही है। जीव विज्ञान की भाषा में ये टेरोपॉड्स के सबऑर्डर में आते हैं। इन्हें सामान्य भाषा में समुद्री तितली (Sea-Butterfly) भी कहते हैं। इनकी लंबाई बहुत ज्यादा बड़ी नहीं होती। ये अधिकतम 5 सेंटीमीटर लंबी हो सकती हैं। इनका शरीर एक जेली जैसा पारदर्शी होता है।


सी-एंजल एक घंटे में 354 मीटर तैर सकती हैं। ये बेहद दुर्लभ होती हैं। सिर्फ बर्फीले इलाकों के नीचे समुद्र के गर्म हिस्सों में पाई जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि जहां भी यह रहती हैं वहां पूरी कॉलोनी बना लेती हैं। एक क्यूबिक मीटर में 300 सी-एंजल रहती हैं। सी-एंजल्स ज्यादातर ध्रुवीय इलाकों के समुद्र, समुद्री बर्फ के नीचे या इक्वेटर लाइन के नीचे मौजूद समुद्र की गहराई वाले इलाकों में मिलती हैं। इनके शिकार करने का तरीका एकदम अलग होता है। कुछ सी-एंजल्स घात लगाकर हमला करती हैं। कुछ चुपचाप बैठकर खाने का इंतजार करती हैं। जबकि कुछ ऐसे होती हैं जो शिकार का पीछा करती हैं। ये ज्यादातर अपने से छोटे जीवों को खाती हैं। हैरान करने वाली बात ये है कि इनकी पाचन क्रिया इनके खाने के ऊपर निर्भर करती है। सी-एंजल्स को लेकर कई बार लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं कि यह जेलीफिश तो नहीं है।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है