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SFI @छात्रावासों में चल रहा मरम्मत कार्य महज लीपापोती

SFI @छात्रावासों में चल रहा मरम्मत कार्य महज लीपापोती

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चीफ वार्डन पर अभी तक नहीं की गई कोई कार्रवाई

शिमला।  प्रदेश विवि के छात्रावासों में फैली अव्यवस्था को लेकर एसएफआई ने सवाल उठाए हैं। एसएफआई ने कहा है कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा छात्रावासों का औचक निरीक्षण करने के बाद विवि प्रशासन केवल लीपापोती कर रहा है। विवि प्रशासन ने कंस्ट्रक्शन विंग के दो अफसरों को तो सस्पेंशन का नोटिस थमाया है, लेकिन छात्रावास के चीफ वार्डन पर कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है।

छात्रावासों की खस्ताहालत के लिए चीफ वार्डन जिम्मेदार

एसएफआई की विवि ईकाई के अध्यक्ष जीवन ठाकुर ने यहां कहा कि विवि के छात्रावासों की खस्ताहालत के लिए जितने दोषी संबंधित अधिकारी हैं, उतने ही चीफ वार्डन भी हैं। क्योंकि चीफ वार्डन ने कभी भी यह नहीं कहा कि छात्रावासों की हालत खस्ता है। ऐसे में विवि के छात्रावासों की खस्ताहालत के लिए चीफ वार्डन भी जिम्मेदार हैं।


चीफ वॉर्डन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करे विवि प्रशासन

जीवन ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब विवि के छात्रावासों की व्यवस्था का पूरा जिम्मा चीफ वार्डन पर है तो क्यों वे इस तरफ ध्यान नहीं देते। उन्होंने कहा कि वहां सफाई व्यवस्था आउटसोर्स की गई है और इसकी निगरानी करना चीफ वार्डन का कार्य है।  उन्होंने कहा कि विवि के कुलाधिपति व राज्यपाल का ध्यान सफाई व्यवस्था पर केंद्रित था और छात्रावासों की खस्ता हालत देख राज्यपाल ने सभी दोषियों पर कार्रवाई को कहा था। उन्होंने मांग की कि चीफ वॉर्डन के खिलाफ भी विवि प्रशासन कड़ी कार्रवाई करें और कारण बताओं नोटिस जारी करे। जीवन ठाकुर ने कहा कि राज्यपाल के दौरे के बाद भी विवि प्रशासन भले ही मरम्मत कार्य करवा रहा हो, लेकिन यह सब लीपापोती ही है। उनका कहना था कि मरम्मत कार्य सिर्फ एक दिखावा है। उन्होंने कहा कि विवि में हो रहा कार्य केवल दिखावा है, जबकि वास्तविकता यह है कि छात्रावासों की हालत खस्ता है।

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