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शबनम नहीं खा रही खाना, पढ़ें भारत की पहली सजा-ए-मौत पाने वाली महिला के कत्ल की कहानी

बावनखेड़ी हत्याकांड की दोषी शबनम ने प्यार के लिए मार दिए थे परिवार के सात लोग

शबनम नहीं खा रही खाना, पढ़ें भारत की पहली सजा-ए-मौत पाने वाली महिला के कत्ल की कहानी

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आजाद भारत के इतिहास में जिसे फांसी की सजा (Capital Punishment) सुनाई गई है उसका नाम शबनम (Shabnam) है। शबनम को न्यायालय ने माता-पिता सहित परिवार के सात सदस्यों की हत्या का दोषी (Guilty of Murder) करार दिया है। शबनम को फांसी की सजा ( Shabnam Capital Punishment) सुना दी गई है और इसको लेकर कार्रवाई भी चल रही है। हालांकि एक बार फिर शबनम ने राज्यपाल के पास दया याचिका (Mercy Petition) लगाई है। इसी के चलते फिलहाल फांसी को लेकर डेथ वारेंट (Death Warrent) जारी नहीं किया गया है, लेकिन बावनखेड़ी नरसंहार (Bawankhedi Murder Case) की दोषी शबनम को मथुरा जेल में फांसी दी जाएगी। बताया जा रहा है कि शबनम इन दिनों जेल में छिप-छिप कर रोती हैं और उसने दूसरे कैदियों से बात करना भी बंद कर दिया है। ऐसे में आज आपको बताते हैं शबनम और बावनखेड़ी हत्याकांड की पूरी कहानी।


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दरअसल इस हत्याकांड में शबनम और उसके प्रेमी सलीम हो फांसी की सजा सुनाई गई है। हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में शबनम की दया याचिकाएं भी खारिज हो चुकी हैं। इसके अलावा शबनम ने राष्ट्रपति से भी दया याचिका की गुहार लगाई थी, जिसे राष्ट्रपति भी नामंजूर कर चुके हैं। अब यूपी के अमरोहा जिला के बावनखेड़ी हत्याकांड की दोषी शबनम को मथुरा जेल में फांसी देने के लिए कार्रवाई की जा रही है। शबनम को भी मथुरा जेल में फांसी दिए जाने की जानकारी मिल चुकी है। ऐसे में शबनम ने दूसरी कैदियों और जेल कर्मचारियों से बात करना बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि शबनम जेल में रोती रहती है।

क्या है बावनखेड़ी हत्याकांड की पूरी कहानी

अमरोहा जिला के गांव बावनखेड़ी (Bawankhedi Murder Case) की शिक्षामित्र शबनम ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर 14-15 अप्रैल 2008 की दरमियानी रात एक जघन्य अपराध किया था। शबनम ने अपने प्रेमी सलीम (Sabnam and Salim) के साथ मिलकर अपने पिता मास्टर शौकत, मां हाशमी, भाई अनीस और राशिद, भाभी अंजुम, भतीजे अर्श और फुफेरी बहन राबिया की हत्या कर दी थी। दोनों ने मिलकर पर‍िवार के सातों सदस्यों के गले पर कुल्‍हाड़ी से वार कर उनकी हत्या (Murder) कर दी थी। बावनखेड़ी गांव में रहने वाले शौकत एक कॉलेज में लेक्चरर थे और परिवार के सभी सदस्य पढ़ लिखे थे। शबनम और सलीम ने 11 महीने की बच्ची को छोड़ कर सभी सभी हत्या कर दी थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची थी तो सभी के सिर धड़ से अलग थे। दरअसल शबनम और सलीम से शादी करना चाहते थे। यही नहीं, शबनम गर्भवती थी और सलीम के बच्चे की मां बनने वाली थी

इस हत्याकांड को सुलझाना पुलिस के लिए भी चुनौती थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या से पहले पूरे परिवार को नशीला पदार्थ खिलाने की बात का खुलासा हुआ था। इसलिए पुलिस को शक हुआ कि जब पूरा परिवार बेहोश था, तो फिर अकेली शबनम कैसे होश में रह सकती थी। काफी दिन बात पुलिस फिर से शबनम से पूछताछ के लिए पहुंची, लेकिन शबनम ने जो कहानी पुलिस को बताई और पुलिस को कहानी बताते समय उसके भाव भंगिमाओं से पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने जब शबनम के प्रेमी को खोजा तो सारे मामले का खुलासा हुआ। अमरोहा बावनखेड़ी हत्याकांड का पर्दाफाश करना पुलिस के लिए बड़ी मुश्किल था, क्योंकि इस मामले में कोई भी चश्मदीद गवाह ही नहीं था। ऐसे में पुलिस ने एक-एक साक्ष्य जोड़े और फिर मामले का खुलासा हुआ। शबनम का एक बेटा भी है। दरअसल शबनम ने जब हत्याकांड को अंजाम दिया उस समय वो गर्भवती थी।

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