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मणिमहेश में शाही न्हौण शुरू, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

मणिमहेश में शाही न्हौण शुरू, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

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चंबा। राधाष्टमी के पर्व पर मणिमहेश यात्रा (Manimahesh Yatra) के अंतिम बड़े शाही स्नान के लिए आज हजारों श्रद्धालु पवित्र डल झील पर पहुंचे। यात्रा का मुहूर्त गुरुवार रात 8.49 बजे से शुक्रवार रात 8.43 बजे तक होने के चलते मुहूर्त शुरू होते ही शाही न्हौण भी शुरू हो गया। इससे पहले त्रिलोचन महादेव के वंशज संचूई के शिव गुरों ने गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे डल झील को पार करने की रस्म पूरी की, जिसके बाद पूरा कैलाश पर्वत शिव के जयकारों से गूंज उठा।


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शिव चेलों के झील पार करने यानि डल तोड़ने की रस्म के साथ सैकड़ों शिव भक्तों ने पवित्र डल झील में आस्था की डुबकी लगाई। हजारों शिव भक्तों का राधाष्टमी के शुभ मुहूर्त पर पवित्र डल में डुबकी लगाने का क्रम जारी है। शिव की भक्ति में सराबोर भक्त भजन-कीर्तन करते रहे। इससे पूर्व दोपहर को डल झील की तीन बार परिक्रमा करने के बाद शिव चेले अपने निर्धारित स्थान पर आकर बैठ गए और डल तोड़ने की रस्म आरंभ हुई।

कार्तिक स्वामी के चेले ने शिव चेलों की अगुवाई की। झील के एक छोर पर कार्तिक स्वामी का चेला रखवाली के लिए रुक गए। इस दौरान पवित्र डल की पूजा-अर्चना की गई। डल तोड़ने से पूर्व बलि की परंपरा थी लेकिन, न्यायालय के आदेश के बाद बलि के बजाय कच्चा नारियल काटकर झील में फेंका गया। इसके बाद एक साथ हाथ पकड़कर शिव चेले झील में उतरे। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं भीड़ उमड़ गई। डल झील पार करने के बाद शिव भक्तों ने शिव चेलों को कंधों पर उठाकर बैठने के स्थान तक पहुंचाया।

कहते हैं कि त्रिलोचन महादेव के वंशज शिव चेलों को कंधों पर उठाने से हर मनोकामना पूरी होती है। बता दें कि आधिकारिक तौर पर 24 अगस्त से शुरू हुई मणिमहेश यात्रा (Manimahesh Yatra) 6 सितंबर को संपन्न होगी। कहते हैं कि पवित्र झील में चेलों व यात्रियों द्वारा फेंके जाने वाले फलों को पकड़ने वाले यात्रियों की हर इच्छा शंकर भगवान पूरी करते हैं। आज भी इस रिवायत को अगाध श्रद्धा के साथ निभाया जाता है। डल के साथ ही काली माता की झील है, जहां शिव चेलों सहित यात्रियों के स्नान करने पर पाबंदी है। कुछ वर्ष पूर्व यहां पर यात्री स्नान करने के लिए उतर गए थे, जिनके शव कई दिनों बाद मिले थे।

कुंजर महादेव में पवित्र कुएं से बरसीं शाही न्हौण की बौछारें

राधाष्टमी के पवित्र स्नान को एक और जहां मणिमहेश में देश विदेश के श्रद्धालू जुटे तो भट्टियात के पातका स्थित कुंजर महादेव में भी हजारों भक्त पवित्र जल की बौछारों में भीग धन्य हो रहे हैं। एक ही मुहूर्त में राधाष्टमी दोनों जगह मनाई जा रही है।

मणिमहेश की डल में जहां श्रद्धा की डुबकी लगी तो यहां पवित्र कुएं से पानी की ठंडी बौछारों में भीग पुण्य कमाया गया। एसडीएम चुवाड़ी बचन सिंह की अगुवाई में प्रबंधों और व्यवस्था की टोह मंगलवार को ही ले आया भट्टियात प्रशासन मुस्तैद है। चंबा से पहुंचा अतिरिक्त पुलिस बल यहां सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहा है।

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