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बीजेपी-कांग्रेस दोनों को शांता की फटकार

बीजेपी-कांग्रेस दोनों को शांता की फटकार

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धर्मशाला। कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र से वर्तमान लोकसभा सांसद और पूर्व में दो बार प्रदेश के सीएम रहे शांता कुमार अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। शांता कुमार जब बयान देते हैं तो विरोधी खेमे में तो खलबली मचती ही है लेकिन कई बार वह अपने खेमे में ही भूचाल ले आते हैं। ऐसा ही कुछ शनिवार को भी शांता कुमार ने धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा है जिससे प्रदेश के कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों के नेताओं की कार्यप्रणाली पर शांता कुमार ने सवालिया निशान लगा दिया।

  • bjpअवैध भवन नियमित करने पर तल्ख हुए सांसद
  • नियम तोड़ने वालों को शह देने का लगाया आरोप
  • दोनों दलों को इसपर पुनर्विचार करने की नसीहत
  • विधेयक की मंजूरी को बुधवार को धूमल सहित अन्य बीजेपी नेता मिले थे राज्यपाल से

शांता का यह बयान अवैध भवन निर्माण को नियमित करने के विधेयक पर आया है। शांता ने कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ इस तरह पेश आना उनको ऐसा करने के लिए शह देने के समान है। कांग्रेस व बीजेपी दोनों ही पार्टियों के नेता इस कानून का समर्थन करके ऐसे कानून तोड़ने वालों को शह दे रहे हैं।

शांता ने इशारों-इशारों में साफ कर दिया कि दोनों ही पार्टियों के नेता अवैध निर्माण करने वालों को संरक्षण और सहयोग देने का काम करने में लगे हुए हैं। उन्होंने अवैध भवनों को नियमित करने को गलत को सही करने का मसौदा करार दिया है।

flag_of_the_indian_nationalशांता का यह बयान सीधे तौर पर पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल पर भी प्रहार करने वाला है क्योंकि बुधवार को प्रेम कुमार धूमल की अगुवाई में बीजेपी नेता, राज्यपाल से जल्द इस विधेयक को स्वीकृत करने के लिए मिले थे।

इस दौरान धूमल ने राज्यपाल से कहा था कि प्रदेश के मध्य और निम्न वर्ग को इस विधेयक के पारित होने से काफी राहत मिलेगी। इन लोगों ने भवन निर्माण को लेकर कुछ नियम अवश्य तोड़े हैं लेकिन किसी ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं किया है। वहीं इस मामले पर शांता कुमार का कहना है कि रसूखदार लोग ही कानून को धत्ता बताकर ऐसा निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए, अन्यथा प्रदेश में कानून की धज्जियां उड़ने से रुक नहीं पाएंगी।

उन्होंने कहा कि जब से यह बिल लाया गया है, तब से केवल 4 माह में ही प्रदेश भर में 8 हजार से अधिक अवैध निर्माण हो चुके हैं, जो कि चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि चिंतन करने का विषय है कि प्रभावशाली लोगों ने ऐसे निर्माण कैसे कर लिए। उन्होंने कहा कि विदेशों में लोग कानून को सर्वोच्च मानते हैं जबकि यहां कानून की धज्जियां उड़ाने को र्स्वोच्च माना जाता है।

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