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सड़कों की प्रगति Report से Shanta नाखुश

सड़कों की प्रगति Report से Shanta नाखुश

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गफूर खान/धर्मशाला। कांगड़ा- चंबा संसदीय क्षेत्र से सांसद शांता कुमार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सड़कों की प्रगति रिपोर्ट से नाखुश दिखे। सांसद ने कहा कि यह योजना उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है, जहां सड़क सुविधा बिलकुल भी नहीं है। 250 की आबादी वाले गांवों को इस योजना के तहत सड़कों से हर हाल में जोड़ने का उद्देश्य था। यह योजना कहीं न कहीं लक्ष्य से भटकती जा रही है ऐसी उन्हें सूचना है।

  • प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत हुए कार्यों पर दिखाई नाराजगी
  • सड़क सुविधा से महरूम ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिकता पर बने सड़कें
  • जो काम कागजों में हैं वह धरातल पर सुनिश्चित करें अधिकारी

शांता कुमार डीआरडीए सभागार में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोआर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। शांता कुमार ने कहा कि यह तथ्य पहले भी सामने आ चुका है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत पहले से ही बनी हुई सड़कों को बनाया जा रहा है और देश के धन की बर्बादी की जा रही है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत उन क्षेत्रों को प्राथमिकता के तहत सड़क उपलब्ध करवाई जानी चाहिए जहां सड़क सुविधा बिलकुल भी नहीं है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 41 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जानी थी लेकिन अभी तक 20 करोड़ रुपए ही खर्च हो पाए हैं। शांता ने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे जिला की ऐसी पंचायतों की सूची बनाई जाए जो सड़क सुविधा से वंचित हैं। पूरी हो चुकी सड़कों की संख्या बताने की बजाए कितने किलोमीटर सड़कें बनीं यह आंकड़ा प्रस्तुत किया जाए।

2012 के बाद कितने मकान बने

शांता कुमार ने कहा कि जिला कांगड़ा को खुला शौचमुक्त होने की बात की जाती है, लेकिन यह 2012 तक बने घरों का आंकड़ा है। इसके बाद के वर्षों में कितने मकान बने और इनमे कितनो में शौचालय हैं यह आंकड़ा प्रशासनिक अधिकारियों के पास भी नहीं है। शांता कुमार ने जिला प्रशासन से सवाल किया कि जब नये बने घरों के लिए बिजली और पानी के कनेक्शन दिए जाते हैं, नये परिवारों के राशनकार्ड बनवाये जाते हैं तो क्या यह पता लगाना इतना मुश्किल है कि कितने नये घर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्या कोई इस तरह की नीति नहीं बनाई जा सकती कि उन्ही घरों को बिजली पानी के कनेक्शन दिए जाएंगे जिनमें शौचालय बना हो। इसपर डीसी कांगड़ा ने सहमति जताते हुए जल्द ही ऐसी कार्ययोजना शुरू करने का आश्वासन दिया।

कूड़े के निष्पादन की हो स्थाई व्यवस्था

इस बैठक में पालमपुर नगर परिषद क्षेत्र में कूड़े के निष्पादन की बात उठी तो पूरे जिले की समस्या सामने आ गयी। यह तथ्य भी सामने आया की पूरे जिले में कूड़े को सही तरीके से ठिकाने लगाने की कोई व्यवस्था नहीं है। शांता कुमार ने इस पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार एक तरफ तो धर्मशाला को स्मार्ट सिटी बनाने जा रही है लेकिन कूड़े की समस्या पर यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो जिले के अन्य कस्बे स्लम बनकर रह जाएंगे। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए की इसके लिए एक ठोस और स्थाई योजना बनाई जाए। उन्होंने सांसद निधि से इस काम के लिए अपनी तरफ से धन उपलब्ध करवाने का भी प्रस्ताव रखा। डीसी कांगड़ा ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनाये जाने वाले कूड़ा निष्पादन संयंत्र में पूरे जिले के ठोस कचरे को ध्यान में रखते हुए योजना बनाने के निर्देश, नगर निगम धर्मशाला के अधिकारियों को दिए। शांता कुमार ने अधिकारियों को कहा कि जिस भावना से कोई योजना तैयार की जाती है, उसी भावना से वह योजना धरातल पर भी उतरे इसका ध्यान विशेष रूप से रखा जाये। डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोआर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी की इस बैठक में को चेयरपर्सन सांसद अनुराग ठाकुर और विप्लव ठाकुर उपस्थित नहीं हुए।

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