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फायदे का Budget: एमसी ने 401 करोड़ 67 लाख का Budget किया पारित

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शिमला। नगर निगम शिमला ने वित्तीय वर्ष 2017-18 का बजट पारित कर दिया है। नगर निगम शिमला ने इस बार 401 करोड़ 67 लाख का बजट पारित किया है। यानि कि नगर निगम शिमला ने लगभग पचास लाख के फायदे का बजट पारित किया है। नगर निगम शिमला के मेयर संजय चौहान ने बजट पेश किया। चालू वित वर्ष के दौरान नगर निगम शिमला को संपत्ति करों से 1702 .88 लाख रुपये की आय प्राप्ति का अनुमान है, जबकि राज्य वित्त आयोग की सिफ़ारिशों के अनुरूप 2614.00 लाख , बिजली खपत पर फीस से 150.00 लाख व शराब की बिक्री पर फीस से 64..00 लाख आय प्राप्ति का अनुमान है।  इसके आलावा किराये पार्किंग लीज आदि से 745.10 लाख प्राप्ति का अनुमान बजट में लगाया गया है। पानी से 2200.00 लाख सीवरेज से 500.00 लाख यानी की अन्य साधनों से कुल 6662.90 लाख की आय प्राप्ति का अनुमान है। नगर निगम शिमला को स्मार्ट सिटी व अन्य प्राप्त अनुदान राशि के रूप  10430.80 लाख रुपये आने का अनुमान है।

  • पचास लाख के फायदे का बजट किया पारित, संपत्ति करों से 1702 .88 लाख का अनुमान
  • नगर निगम कांग्रेस व बीजेपी के पार्षदों ने पुरानी चीजों को दोहराने वाला दिया करार

अमृत सिटी के रूप में निगम को 7138.49 लाख मंजूर हुए हैं।  अतः आगामी वित्त वर्ष के बजट अनुमानों में राशी 4453.50 लाख रुपये का व्यय आय से कम प्रस्तावित किया गया है। नगर निगम शिमला के एक घंटे के बजट भाषण में नगर निगम शिमला के मेयर ने अपने अंतिम बजट को शिमला की जनता के लिए लाभकारी करार दिया और कहा कि जब उन्होंने नगर निगम शिमला की बागड़ोर संभाली थी। उस वक्त निगम के पास अपने  कर्मियों को देने के लिए पैसे नहीं थे, लेकिन आज निगम का बजट फायदे का है। इस बात की उन्हें ख़ुशी है।

उधर, कांग्रेस एवं बीजेपी के पार्षदों ने बजट को पुरानी चीजों को दोहराने वाला करार दिया और कहा की बजट में कुछ भी नया नहीं है। न ही पीने के पानी, पार्किंग, गंदगी, सीवरेज व सड़कों आदि पर कुछ भी साफ नहीं किया है। महिलाओं एवं बेरोजगारों के लिए भी बजट में प्रावधान नहीं किया गया है। कुल मिलकर कोरी घोषणाओं और केन्द्र प्रायोजित योजनाओं को बजट में शामिल किया गया है।

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