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3000 करोड़ के ई-टेंडर घोटाले में फंसी शिवराज सरकार, मामला दबाने का आरोप

3000 करोड़ के ई-टेंडर घोटाले में फंसी शिवराज सरकार, मामला दबाने का आरोप

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नई दिल्ली। एमपी में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले ई-टेंडर घोटाला सामने आया है। इसमें राज्य की शिवराज सरकार पर ई-टेंडर के जरिए कुछ प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप है। बताया गया है कि यह घोटाला कई साल से चल रहा था, लेकिन इसका खुलासा इसी साल मई में हुआ है। अब सरकार पर मामला दबाने का आरोप लगा रहा है।


ऐसे पकड़ में आया घोटाला

ऐन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आया यह घोटाला शिवराज सरकार के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है। इस साल मार्च में जल निगम की ओर से तीन कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने थे। इनके लिए बोली लगाई गई थी। आंतरिक जांच में पता चला है कि तीन कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़ी नीलामी प्रक्रिया को इस तरह से बदला गया कि हैदराबाद की दो और मुंबई की एक कंपनी की बोली सबसे कम दिखाई दे। ये तीन कॉन्ट्रैक्ट राजगढ़ और सतना जिले में बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना से जुड़े थे। इन तीनों की कीमत 2,322 करोड़ रुपये थी। जांच में पता चला कि अंदर के लोगों की मदद से इन कंपनियों ने पहले ही दूसरी कंपनियों की बोलियां देख लीं और फिर उनसे कम बोली लगाकर टेंडर ले लिया।


एक नहीं, कई विभागों में घोटाला

इस तरह के घोटाले लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, राज्य सड़क विकास प्राधिकरण और प्रॉजेक्ट इंप्लिमेंटेशन यूनिट के 6 प्रॉजेक्ट्स में भी हुए हैं।इस मामले में एक सरकार जांच कमेटी ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और ऐंटरेस सिस्टम को नोटिस भेजा था। टीसीएस को हेल्पडेस्क बनाने, हार्डवेयर और ट्रेनिंग का काम दिया गया था और ऐंटरेस को ऐप्लिकेशन डिवेलपमेंट और मेंटेनेंस का काम दिया गया था। दोनों कंपनियों ने नोटिस का जवाब देते हुए यह माना है कि साइबर फ्रॉड हुआ है। हालांकि, दोनों ने पोर्टल में सेंध लगने की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है।

रिपोर्ट के बावजूद दर्ज नहीं FIR

हालांकि, टीसीएस और ऐंटरेस की आंतरिक जांच में यह बात साफ हो गई थी कि तीनों कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए डेटा के साथ छेड़छाड़ की गई लेकिन EOW ने प्राथमिक जांच ही दर्ज की है, एफआईआर नहीं। MPSEDC और संबंधित कंपनियों के अधिकारियों से पूछताछ और डेटा की जांच शुरू हो गई है। बताया गया है कि सभी 9 टेंडर्स की फरेंसिक जांक की जाएगी, जिससे जिम्मेदारी तय की जा सके।

 

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