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Mandi पहुंचे देव कमरूनाग, 8 दिनों तक टारना मंदिर में देंगे दर्शन

देव कमरूनाग के मंडी पहुंचने से होता है शिवरात्रि महोत्सव का आगाज

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वी कुमार/ मंडी। शिवरात्रि महोत्सव में शिरकत करने के लिए जिला के आराध्य देव कमरूनाग मंगलवार को मंडी पहुंच गए। मंडी पहुंचने पर प्रशासन की तरफ से डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने उनका राज माधव राय मंदिर के बाहर हार पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद देव कमरूनाग की छड़ी का राज माधव राय मंदिर ले जाया गया और फिर देव राज परिवार के सदस्यों से मिलने पहुंचे।

यहां पर राज परिवार के सदस्यों ने पारंपरिक तरीके से देव कमरूनाग का स्वागत किया। इसके बाद देव कमरूनाग टारना माता मंदिर पहुंचे और यहां पर  विराजमान हुए।अगले 8 दिनों तक देव कमरूनाग इसी मंदिर में रूककर अपने भक्तों को दर्शन देंगे।

बता दें कि 15 से 21 फरवरी तक मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का आगाज देव कमरूनाग के मंडी पहुंचने पर ही माना जाता है। वहीं डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि प्रशासन ने शिवरात्रि महोत्सव की सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है। 

सीएम जयराम ठाकुर 15 को करेंगे शुभारंभ, तो राज्यपाल करेंगे समापन

15 फरवरी को सीएम जयराम ठाकुर शिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ करेंगे और 21 फरवरी को राज्यपाल आचार्य देवव्रत इसका समापन करेंगे। 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को प्रशासन ने निमंत्रण भेज दिया है और इनके मंडी पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। महोत्सव में 6 सांस्कृतिक संध्याएं होंगी जिसमें इस बार प्रदेश के कलाकारों को पूरा मौका देने का प्रयास किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर से इस बार कजाकिस्तान का दल यहां आकर अपनी प्रस्तुति देगा। यह प्रस्तुति 19 और 20 फरवरी की सांस्कृतिक संध्याओं में होगी।

फोटोग्राफी और सोशल मीडिया से संबंधित एक प्रतियोगिता भी होगी

महोत्सव के दौरान पड्डल मैदान में विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का आयोजन भी किया जाएगा जबकि शहर के बीचों बीच स्थित इंदिरा मार्केट की छत पर सरस मेला लगाया जाएगा। इस बार मेले में 110 दुकानें सजेंगी,  जिसमें 21 राज्यों से आए लोग हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री करेंगे। इसके साथ ही इस बार महोत्सव में फोटोग्राफी और सोशल मीडिया से संबंधित एक प्रतियोगिता भी करवाई जाएगी। 17 और 19 फरवरी को देवनाटी होगी जबकि 16 को देवचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। वहीं देवी-देवताओं के इतिहास से संबंधित अलग से एक स्मारिका का प्रकाशन भी किया गया है जिसका विमोचन सीएम जय राम ठाकुर करेंगे।

राजपुरोहित ने डांट दिया देव कमरूनाग के गुर को, तय समय से पहले पहुंचने पर दिखी नाराजगी
देव कमरूनाग के गुर (पुजारी) नीलमणी को राजपुरोहित की डांट का सामना करना पड़ा। यह डांट तय समय से 20 मिनट पहले आने को लेकर पड़ी, क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ कि देव कमरूनाग के स्वागत के लिए राज परिवार के मुखिया दरवाजे पर मौजूद नहीं थे। देव कमरूनाग के यहां आने का समय 3 बजे का निर्धारित किया गया था, लेकिन देवता के गुर नीलमणी 20 मिनट पहले ही पहुंच गए। देव कमरूनाग को राजपरिवार की खाली कुर्सी के सामने खड़े रहना पड़ा। हालांकि स्वागत के लिए राजकुमारी सिद्धेश्वरी वहां मौजूद थी, लेकिन सभी परिवार के मुखिया अशोक पाल सेन का इंतजार कर रहे थे।

राजघराने में संदेश भिजवाया गया कि देव कमरूनाग आ चुके हैं, इसके बाद अशोक पाल सेन को मुख्य द्वार तक लाया गया। क्योंकि इनकी उम्र अब काफी हो चुकी है, इसलिए हर बात का पहले से ध्यान रखा जाता है। अशोक पाल सेन ने देवता का स्वागत किया और गुर ने उन्हें हार पहनाकर प्रसाद दिया। इसके बाद राजपुरोहित पवन शर्मा आए और उन्होंने गुर को तय समय से पहले आने पर डांट लगा दी। फिर उन्होंने पूरे विधि विधान के साथ देव कमरूनाग का पूजन करवाया और गुर को समझाकर आगे भेज दिया।

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