Covid-19 Update

58,800
मामले (हिमाचल)
57,367
मरीज ठीक हुए
983
मौत
11,137,922
मामले (भारत)
115,172,098
मामले (दुनिया)

सिमस मंदिर के संचालन का विवाद पहुंचा SDM के द्वार

सिमस मंदिर के संचालन का विवाद पहुंचा SDM के द्वार

- Advertisement -

Simus Temple : जोगिंद्रनगर। संतानदात्री मां शारदा मंदिर सिमस का मामला इन दिनों खासा चर्चा में आ गया है। सिमसा मातामंदिर के संचालन में अब प्रशासन की दखलंदाजी भी हो सकती है। मंदिर संचालन को लेकर हालांकि अरसे से विवाद होता रहा है लेकिन मौजूदा संचालन समिति से मतभेद रखने वाली समिति ने मामला जोगिंद्रनगर में एसडीएम के द्वार तक पहुंचा दिया है तथा मौजूदा समिति पर कई तरह के आरोप लगाकर पारदर्शिता को चुनौती दी गई है।

Simus Temple: सही आय न दर्शाने व सुविधाएं न देने का आरोप

जोगिंद्रनगर उपमंडल के तहत लडभड़ोल तहसील की सिमस पंचायत की प्रधान तारावती सहित अनेक पूर्व प्रतिनिधियों के साथ बनी कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम राहुल चौहान को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि मौजूदा समिति की ओर से मंदिर की सही आय नहीं दर्शाई जा रही और श्रद्धालुओं को पर्याप्त सुविधाएं प्रदान करने में भी कोताही बरती जा रही है।

कहा गया कि मंदिर का संचालन पहले समाज के सभी वर्गों की कमेटी द्वारा किया जाता था लेकिन आजकल एक ही वर्ग विषेश के सदस्यों को इसमें लिया गया है।पंचायत प्रधान तारावती की अगुवाई में मिले इस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सर्वसम्मति से बनी पंजीकृत कमेटी के हाथों में मंदिर का संचालन दिया जाए तो इसकी आमदन में अपेक्षाकृत वृद्धि दर्ज होगी  और श्रद्धालुओं के लिए भी अनेक अन्य सुविधाएं भी जुटाई जाएंगी क्योंकि मंदिर की मान्यता दूर-दूर तक है और संतान की इच्छा रखने वाले हजारों श्रद्धालु यहां नतमस्तक होते हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार सभी वर्गों की कमेटी से इस मंदिर का संचालन नहीं चाहती तो इसका सरकारीकरण कर दिया जाए ताकि सरकार स्वयं इसके स्वरूप को निखारे और श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुविधाओं का प्रबंध किया जाए।

चढ़ावे की पाई-पाई का हिसाब रखा जाता हैः प्रधान

दूसरी ओर, शारदा माता मंदिर कमेटी सिमस के प्रधान विनोद कुमार राय ने पारदर्शिता न होने के आरोपों पर सवाल खड़ा किया है तथा आरोप लगाया है कि कुछ लोग मंदिर में हो रहे अथाह विकास से खुश नहीं दिखते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग मंदिर के नाम पर धन भी एकत्रित करते हैं। विनोद ने कहा कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे की पाई-पाई का हिसाब रखा जाता है और यह धन मंदिर संबंधी कार्यों व श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर व्यय किया जाता है, जिसका जीता-जागता उदाहरण आज भी दी जा रही सुविधाओं से मिल जाता है।

श्रद्धालुओं के ठहरने आदि की पूरी व्यवस्था हेतु सरायों का निर्माण किया गया है। नवरात्रों में लगने वाले मेलों के दौरान निशुल्क लंगर का आयोजन किया जाता है। मंदिर कमेटी के प्रधान विनोद कुमार राय ने कहा कि मंदिर के गर्भ-गृह में चांदी की पतरी चढ़ाने का कार्य शुरू किया जाएगा जिस पर करीब एक करोड़ व्यय होने का अनुमान है। विनोद कुमार राय के साथ-साथ राजकुमार ने कहा कि मंदिर कमेटी का संचालन वर्षों से पूरी पारदर्शिता से किया जा रहा है और श्रद्धालुओं के लिए हर बार नई सुविधाएं प्रदान की जाती है। राजकुमार ने कहा कि वर्षों से संचालन कर रही वर्ग विशेष की कमेटी प्रबंधन में कोई कमी नहीं रखती।

यह प्रबंधन इसी के हाथ में रहने दिया जाए और अगर प्रशासन को लगे कि इसमें कहीं कोई कमी है तो सुधार भी किया जा सकता है। अगर फिर भी बात न बने तो उन्हे मंदिर के सरकारीकरण पर भी ऐतराज नहीं होगा।शारदा माता मंदिर सिमस के संचालन व अन्य विषयों को सुलझाने के लिए जोगिंद्रनगर प्रशासन आगे आया है और एसडीएम राहुल चौहान ने प्रबंधन को पहली मई को रिकॉर्ड सहित बुलाया है ताकि विवाद का सर्वसम्मति से हल निकाला जा सके। 

हल्ला बोलः बाबा अमरदेव के खिलाफ पांच गांव

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है