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काहे का नगर निगम: न Ward सभा हुई, न Ward कमेटी की Meeting

काहे का नगर निगम:  न Ward सभा हुई, न Ward कमेटी की Meeting

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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश म्युनिसिपल एक्ट 1994 के अनुसार हर वार्ड में 6 महीने में एक बार वार्ड सभा (मीटिंग)  होनी चाहिए और हर तीन महीने में वार्ड कमेटी की मीटिंग होनी चाहिए। यह इसलिए जरूरी है कि इन मीटिंग्स में वार्ड के विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जा सके और इन कार्यों के लिए जन सहमति भी जुटाई जा सके। यह बड़े अफसोस की बात है कि नगर निगम धर्मशाला को बने हुए एक साल हो गया लेकिन उक्त दोनों में से एक भी मीटिंग नहीं हुई है।

  • भूतपूर्व सैनिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता ने लिखा डीसी को पत्र
  • अंडरग्राउंड डस्टबिन लगाने संबंधी योजना की प्रोजेक्ट रिपोर्ट नदारद

नगर निगम की कई योजनाएं तैयार की जा रही हैं लेकिन आम जनता को इस बारे में पूछा तक नहीं जा रहा कि आखिर जनता क्या चाहती है। यह शब्द धर्मशाला निवासी भूतपूर्व सैनिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता कुलतार चन्द गुलेरिया ने डीसी कांगड़ा को लिखे एक पत्र में कहे हैं।  इस पत्र की प्रति गुलेरिया ने नगर निगम मेयर और नगर निगम आयुक्त को भी प्रेषित की है। गुलेरिया का आरोप है कि निगम अंडरग्राउंड डस्टबिन लगाने का ढिंढोरा कई माह से पीट रहा है, लेकिन निगम ने उनके बार बार पूछने पर भी इस योजना की प्रोजेक्ट रिपोर्ट की कोई जानकारी नहीं दी है। यहां तक कि इस बारे में आरटीआई भी मांगी गई थी लेकिन निगम ने इस बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई।

स्विमिंग पूल बनाने का औचित्य

गुलेरिया का कहना है कि दाड़ी में एक स्विमिंग पूल बनाया जा रहा है। तर्क यह दिया जा रहा है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उनका कहना है कि यहां पर्यटक घूमने आते हैं और दाड़ी में नहाने जाने का कोई तुक नहीं बनता। इस कार्य से पहले क्या किसी तरह की प्रोजेक्ट स्टडी करवाई गई है इसका जवाब भी न तो निगम के पास है और न ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों के पास। गुलेरिया का यह भी कहना है कि इस स्विमिंग पूल के लिए प्राकृतिक जलस्त्रोतों के पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। इन जलस्त्रोतों का इस्तेमाल स्थानीय लोग वर्षों से करते आये हैं तो उनके लिए क्या विकल्प रहेगा। स्थानीय लोग भी स्विमिंग पूल बनाने के पक्ष में नहीं हैं तो फिर किसके कहने पर और किसके लिए यह पूल बनाया जा रहा है।

जनहित  के मुद्दों पर उठाए सवाल

अपने इस पत्र में गुलेरिया ने निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, लक्ष्य योजना के कार्यान्वयन, शहर में लावारिस घूम रहे पशुओं, जल निकासी का उचित प्रबंध और निगम क्षेत्र में लोगों द्वारा भूमि पर किये गए अवैध कब्जों के मुद्दों पर भी ध्यान देने को बात कही है। गुलेरिया ने उम्मीद जताई है कि निगम क्षेत्र के विकास में आम आदमी की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

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