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Corona के बढ़ते प्रकोप के बीच Dalai Lama बोले – समस्या का समाधान है, तो चिंता करने की क्या ज़रूरत

Corona के बढ़ते प्रकोप के बीच Dalai Lama बोले – समस्या का समाधान है, तो चिंता करने की क्या ज़रूरत

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मैक्लोडगंज। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा (The Dalai Lama) ने अपने विशेष संदेश में कहा है कि परिस्थितियां कितनी भी मुश्किल हों, हमें इन समस्याओं का सामना करने के लिए दृढ़ संकल्प एवं साहस के साथ तकनीक और मानवीय प्रतिभा का प्रयोग करना चाहिए। जब हमारे सेहत एवं कुशलक्षेम पर संकट आता है तो चिंता एवं भय का सताना स्वाभाविक है। तथापि, मुझे समस्याओं के विश्लेषण में नीचे दी गई इस बुद्धिमत्तापूर्ण शिक्षा से अत्यन्त ढांढस मिलता है- यदि समस्या का समाधान है, तो चिंता करने की क्या ज़रूरत है और यदि समाधान नहीं है, तो चिंतित रहने से क्या लाभ।


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आज सभी लोग कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अपना श्रेष्ठतम प्रयास कर रहे हैं। मैं, सभी देशों द्वारा इस खतरे को नियंत्रित करने के ठोस प्रयासों की प्रशंसा करता हूं । विशेषकर, भारत सरकार द्वारा कोविड-19 से निपटने के लिए अन्य सार्क देशों के साथ मिलकर एक आपात्कालीन निधि बनाने तथा सूचना, ज्ञान एवं विशेषज्ञ इत्यादि के आदान-प्रदान हेतु एक इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म बनाने की पहल करने की सराहना करता हूं । यह पहल भविष्य में भी ऐसे संकटों का सामना करने में एक मिसाल पेश करेगा।

चुनौतियों के बावजूद हम जीवन की गति को आगे बढ़ाने में सफल होंगे

दलाई लामा ने लिखा है विश्वभर से अनेक लोगों द्वारा बार-बार अनुरोध करने के प्रत्युत्तर में, मैं इन शब्दों को लिख रहा हूं। आज हम सब कोरोना वायरस महामारी (coronavirus pandemic) फैलने के कारण असामान्य रूप से एक कठिन दौर से गुज़र रहे हैं। इसके अतिरिक्त, आज मानव जगत जलवायु परिवर्तन जैसे अन्य विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। इस अवसर पर मैं, भारत सरकार सहित विश्व के अन्य सरकारों द्वारा इन समस्याओं के निवारण हेतु जो अभियान चलाए जा रहे हैं , उसके लिए सभी के प्रति अनुमोदन और आभार व्यक्त करता हूं। भारतीय पुरातन विद्या में यह उल्लिखित है कि समय के साथ इस दुनिया का निर्माण, स्थिति और विनाश होगा तथा हथियार एवं रोग इसके विनाश के कारणों में से एक होंगे और ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जो आज हम अनुभव कर रहे हैं वह उसके अनुरूप घटित हो रहा है। लेकिन, मनुष्य सहित सम्पूर्ण प्राणियों के समक्ष खड़े इन चुनौतियों के बावजूद हम सब सुख-दुःख के इस जीवन की गति को आगे बढ़ाने में सफल हुए हैं।

समाज के कमज़ोर वर्ग की सहायता के लिए हर संभव प्रयास करें

तिब्बती धर्मगुरु ने लिखा है कि मैं समझ सकता हूं कि दुनिया भर में इस प्रकार के अपरिहार्य लॉकडाउन (lockdowns) से अनेकों लोगों को जीविका के अभाव में अत्यन्त विपत्तियों का सामना करना पड़ रहा है। उन लोगों के लिए जिनका कोई स्थिर आय नहीं है, जीवन जीना एक दैनिक संघर्ष हो गया है। मैं आग्रहपूर्वक सभी संबन्धित लोगों से अपील करता हूँ कि समाज के कमज़ोर वर्ग की सहायता के लिए हर संभव प्रयास करें। मैं उन सभी स्वास्थ्यकर्मियों- चिकित्सकों, नर्सों और अन्य सहयोगी कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं जो अपने व्यक्तिगत जीवन को खतरे में डालकर लोगों की ज़िदगी बचाने के लिए अग्रपंक्ति में खड़े होकर कार्य कर रहे हैं। उनकी यह सेवा वास्तव में करुणा का क्रियान्वयन है। मैं हृदय के अन्तःकरण से मेरे भाईयों एवं बहनों के लिए चिंतित हूं जो इस विकट समय का सामना कर रहे हैं। मैं, इस महामारी के शीघ्र अन्त होने की प्रार्थना करता हूं जिससे आपके जीवन में सुख और शांति पुनः लौट आए।

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