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तो अब बताओ फुटबॉल किसने बनाया …

तो अब बताओ फुटबॉल किसने बनाया …

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हम सभी ने कभी न कभी फुलबॉल या बॉलीबॉल तो खेला ही है। शायद ही कभी ख्याल आया होगा कि फुटबॉल आखिर बनाया किसने होगा और कैसे बनाया होगा। इसी तरह एक सर्वे में बच्चों से पूछा गया कि जो फुटबॉल तुम रोज खेलते हो उसे कौन बनाता है ? हैरत थी कि इसका जवाब न उन्हें पता था और न उनके माता-पिता को कि फुटबॉल कैसे बनता है और इसे कौन बनाता है। अगर कोई यह कहे कि फुटबॉल पूरी तरह हाथों से ही बनाया जाता है तो यह बात कल्पना से परे ही लगेगी।
Football हां, जब आप इसे बनता हुआ देखेंगे तो यकीन आ जाएगा कि फुटबॉल बनाना एक हस्तकला का ही स्वरूप है। इसके अलावा हर फुटबॉल को तैयार करने में कम से कम दस लोगों का हाथ होता है। इसके बाद पूरी तरह चेक करने के बाद यह आपके हाथों में और  फिर वहां से मैदान तक पहुंचता है। भारत के 75-80 प्रतिशत फुटबॉल्स का निर्माण पंजाब के जालंधर और उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में होता है। यह जानकारी लेबर राइट फोरम के जरिए मिली क्योंकि यह कार्य भी मानव श्रम के अंतर्गत ही आता था।
माना जाता है कि फुटबॉल की सिलाई सधे हुए हाथों से ही बेहतर हो सकती है। इस कारोबार में 1990 तक बाल मजदूर भी लगे हुए थे और वे बहुत बुरे हालातों में काम कर रहे थे जबकि जहां वे काम करते थे, वे नाइक, एडिडॉस, फीफा, शेरिन, कैंटरबरी, मानचेस्टर तथा यूनाइटेड जैसी बड़ी कंपनियां भी थीं। वक्त बदला और इसी के साथ बहुत कुछ बदल गया। अब ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन सिर्फ फीफा के तैयार तथा प्रमाणित  किए हुए खेलों के सामान खरीदती है। अब मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियां भी इस बात पर पूरा ध्यान देती हैं कि  कारखाने में बाल मजदूर न हों। एक दिन में चार-पांच फुटबॉल या 12-14 रग्बी बॉल तैयार हो जाती हैं।
पहले स्टिचिंग का काम घरों पर ही होता था, उसे फैक्ट्रियों में शिफ्ट कर दिया गया क्योंकि घरों में बच्चे इस काम में शामिल  हो जाते थे। सवाल सिर्फ बाल श्रमिकों का ही नहीं है कंपनी में यह भी देखा जाता है कि मैटीरियल कहां से लिया गया है और कैसा है। जालंधर की लीजेंड इंटरनेशनल कंपनी अब पांच तरह के फुटबॉल बना रही है और अब इस कंपनी ने फेयर ट्रेड की दिशा में एक कदम और बढ़ाया है। इसके तहत श्रमिकों की समस्याओं, उनके स्वास्थ्य तथा लाभ का भी पूरा ध्यान रखा जाता है।  भारत के पास इस समय फुटबॉल के 164 मैन्यूफैक्चरर्स  तथा 94 प्रोड्यूसर्स हैं।  इनका बाजार वैश्विक है और वे फेयर ट्रेड से प्रमाणित हैं ।
-साभार 

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