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आसमान में मछलियां

आसमान में मछलियां

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वह एक छोटा सा परिवार था जिसमें पिता नहीं थे। पिता की मृत्यु बहुत पहले ही एक दुर्घटना में हो गई थी। अब उस घर में मां ग्रीनऑल्गा और उनका बेटा डेरिक और आया डोरोथी थी। एक दिन डेरिक अपने ही घर में घूमता-घूमता एक ऐसे कमरे में पहुंच गया जो काफी दिनों से बंद था। हालांकि उसमें ताला नहीं लगा था। डेरिक ने धीमे से दरवाजा खोला अंदर सफाई थी । करीने से सजा हुआ सोफा छोटी सी गोलमेज थी। आलमारी में ढेरों किताबें सलीके से सजी हुई थीं और एक तरफ फिशिंग का सामान रखा था। कमरे की एक दीवार पर उसके पिता की तस्वीर थी। इसका मतलब यह था कि यह उसके पिता का कमरा था मिस्टर एल्विन नेल्सन का। वह देर तक सोफे पर बैठा रहा और सोचता रहा कि इस बार वह छुट्टियों में फिशपौंड तक फिशिंग के लिए जरूर जाएगा। अचानक दरवाजा खुला और डोरोथी ने अंदर झांका।
-डेरिक बाबा आप यहां क्या कर रहे हैं? मॉम जानेंगी तो गुस्सा होंगी। इस कमरे में आने की किसी को भी इजाजत नहीं है।
-क्यों डोरा आंटी यह मेरे पापा का कमरा है। मैं कभी भी इसमें आ सकता हूं। और इस संडे को मैं फिशिंग के लिए भी जाऊंगा।
-चलो यहां से निकलो …जल्दी। बाद में बातें करते रहना। कहते हुए डोरोथी ने उसका हाथ पकड़कर उठा लिया और लेकर बाहर निकल आई।
सीढयि़ां उतरते हुए डेरिक उदास था…उसने सोचा कि वह इस सिलसिले में मां से बात करेगा। वह सीधे किचन में चला गया… ।
-लुक डेरिक व्हाट आइ हैव मेड फॉर यू… चॉकलेट केक एंड मफिंस… वे मुस्कुराईं।
-थैंक यू मॉम …पर मैं आपसे कोई और बात करना चाहता हूं।
-क्या कहना है …? कहते हुए वे उसके पास आ गईं।
-इस संडे मैं फिशिंग के लिए जाना चाहता हूं।
-नो …नेवर, कभी नहीं।
-पर क्यों…? वह उलझकर रह गया था। बारह साल का डेरिक मां की आंखों में आंसू देख घबरा गया।
वे बरामदे में आकर कुर्सी पर बैठ गईं।
-तुम्हारे पिता को फिशिंग का बेहद शौक था। हर छुट्टी के दिन वे झील पर जाते थे। कभी उनके साथ कोई दोस्त होता था और कभी अकेले चले जाते थे । उस दिन भी वे अकेले ही थे फिशिंग बोट लेकर थोड़ा आगे निकल गए… और फिर जाने क्या हुआ कि झील में बोट डूब गई साथ ही तुम्हारे पिता भी। तुम बहुत छोटे थे । तब से मुझे फिशिंग से नफरत हो गई है । मैं नहीं चाहती कि तुम भी उनकी तरह यह शौक रखो।
डेरिक बोला कुछ नहीं। चुप चाप अपने कमरे में चला गया। उस रात वह सोचता रहा … काश मछलियां पानी में न रहकर हवा में रहतीं तो पापा कभी न डूबते।
वह अजीब सा सपना था… वह मॉम के साथ एक खुले मैदान में था। आसमान में बादल थे और बादलों के बीच मछलियां उड़ रही थीं एकदम पंछियों की तरह।
-ओह माय गॉड सचमुच उड़ती मछलियां। वह चीख पड़ा।
-क्या हुआ … ? उसकी चीख सुनकर मां घबरा कर उसके कमरे में आ गईं।
– मैंने सपना देखा आप मेरे साथ थीं और आसमान में मछलियां उड़ रही थीं।
-कोई बात नहीं इस संडे तुम फिशिंग के लिए जा सकते हो साथ में मैं भी चलूंगी और हां मछलियां हमेशा पानी में होती हैं आसमान में नहीं।
-थैंक्यू मॉम डेरिक ने कहा और करवट बदल कर सो गया।
-यह क्या मैम ? डोरोथी चकित थी।
-वह बड़ा हो गया है और एल्विन की ही तरह सपने भी देखने लगा है। कहकर वे अपने कमरे में चली गईं।

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