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चिकन और मछली खा रहे लावारिस मवेशी, दोबारा शाकाहारी बनाने के लिए होगा इलाज : गोवा मंत्री

चिकन और मछली खा रहे लावारिस मवेशी, दोबारा शाकाहारी बनाने के लिए होगा इलाज : गोवा मंत्री

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नई दिल्ली। गोवा के मंत्री (Goa minister) माइकल लोबो ने कहा है कि कलंगुट गांव के 76 लावारिस मवेशियों (Stray cattle) ने शाकाहारी खाना नहीं खाया क्योंकि इन्हें कूड़े में से ‘चिकन और मछली’ (chicken and fish) खाने की आदत लग गई है। मंत्री ने बताया कि इन मवेशियों के इलाज के लिए पशु चिकित्सकों को बुलाया गया है और इन्हें दोबारा शाकाहारी (vegetarian) बनने में 4-5 दिन लगेंगे। मंत्री लोबो ने रविवार को उत्तरी गोवा के अरपोरा गांव में समारोह के दौरान दावा करते हुए कहा कि पिछले दिनों करीब 76 मवेशियों को कैलंगुट क्षेत्र से गौशाला में लाया गया था।


बताया गया कि वहां पर उनकी देखभाल की जा रही है। ऐसा देखा गया कि लाए गए मवेशी मांसाहारी हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह लावारिस मवेशी अब घास नहीं खाते, न चने खाते हैं और न ही उन्हें दिया गया विशेष चारा ही खाते हैं। उन्होंने कहा कि हम हमेशा कहते हैं कि मवेशी शाकाहारी हैं। लेकिन, कैलंगुट के मवेशी मांसाहारी हैं। गौशाला के संचालक इन दिनों इसी समस्या का सामना कर रहे हैं। ऐसे में गौशाला संचालकों ने इन पशुओं के इलाज के लिए पशु चिकित्सकों से मदद भी मांगी है। बता दें कि कलंगुट और केंडोलिम बीच पर्यटकों के बीच खासे लोकप्रिय हैं और यहां देशी-विदेशी पर्यटकों की भीड़ बनी रहती है। इन जगहों पर बड़ी संख्या में फूड स्टाल और रेस्तरां हैं। दोनों ही जगहों पर मवेशियों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। ये मवेशी फेंके गए कचरे से मांसाहारी भोजन खाते हुए इसके आदी बन गए हैं।

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