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छात्रा ने बनाया ‘Robo Helmet’: सेना के जवानों की करेगा सुरक्षा, देगा दुश्मनों को जवाब

छात्रा ने बनाया ‘Robo Helmet’: सेना के जवानों की करेगा सुरक्षा, देगा दुश्मनों को जवाब

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वाराणसी। देश के पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए उन्हीं के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की छात्रा ने बॉर्डर एरिया में तैनात अपने जवानों की सुरक्षा के लिए रोबो हेलमेट (Robo Helmet) बनाया है। रेडियो संकेतों पर काम करने वाला ‘रोबो हेलमेट’ युद्ध जैसी स्थितियों में दुश्मनों पर दूर से फायर कर सकता है। पहियों, माइक्रो गन और वायरलेस सिस्टम से लैस और रिमोट से संचालित यह डिवाइस भी दुश्मन के क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है और आग लगा सकता है। रोबो हेलमेट की मदद से पीठ पीछे वार करने वाले दुश्मनों से जवान सतर्क रहेंगे और उनके हमलों का जवाब दे सकेंगे। अब दुश्मनों से मुकाबले के लिए नये हथियार के रूप में रोबो हेलमेट का प्रयोग किया जा सकेगा।

यहां जानें इस हेलमेट में और क्या है खास

वायरलेस टेक्नोलॉजी से लैस इस हेलमेट का एक वायरलेस फायर ट्रिगर है जो रेडियो फ्रिक्वेंसी की मदद से हेलमेट में लगे बैरल से जुडा होता है। इस ट्रिगर को किसी भी तरह की राइफल गन के ट्रिगर के पास लगाया जा सकता है। अशोक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट की छात्रा अंजलि श्रीवास्तव को उम्मीद है कि सीमा सुरक्षा बल के लिए के यह ‘रोबो हेलमेट’ निश्चित रूप से एक बेहतर मददगार साबित होगा। अंजलि ने कहा कि रोबो हेलमेट सुरक्षा बलों के लिए एक क्रांतिकारी आविष्कार साबित होगा। इसे विशेष रूप से सैनिकों को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हालांकि, यह अभी एक प्रोटोटाइप है, लेकिन हमने रक्षा मंत्रालय को एक अनुरोध भेजा है ताकि हम इसे और अधिक शक्तिशाली बना सकें।

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अंजली ने बताया कि इसका वजन काफी हल्का है। यह हेलमेट 360 डिग्री में चारों तरफ घूम कर दुश्मन को टार्गेट कर सकता है। इसे संचालित करने का रेंज प्रोटोटाइप में 50 मीटर के करीब है। इसमें लगे गन की मारक क्षमता प्रोटोटाइप में 100 मीटर होगा। इसे बनाने में करीब 15 दिन का समय लगा है। पीछे तरफ एक मोशन सेंसर लगाया गया है। इसे बनाने में 7,000 से 8,000 रुपए का खर्च आया है। इसे सोलर एनर्जी के माध्यम से चार्ज करके संचालित किया जा सकता है।

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