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Shimla में Edward School के बाहर छात्र-अभिभावक मंच का धरना, Fees बढ़ोतरी के खिलाफ मोर्चा

Shimla में Edward School के बाहर छात्र-अभिभावक मंच का धरना, Fees बढ़ोतरी के खिलाफ मोर्चा

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Student Guardian forum protest: शिमला। Private Schools की मनमानी रोकने के लिए शिमला में अभिभावकों ने मोर्चा संभाल लिया है। शुक्रवार को दर्जनों अभिभावक Edward School के बाहर जमा हुए और उन्होंने वहां धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस प्रदर्शन में बिंदु जोशी, कपिल शर्मा, तनुजा थाप्टा, दिनेश मेहता, चन्द्रकान्त वर्मा कपिल, बब्बू राम, अत्र पिंकी, रीना, जसबीर कौर, आशु भारती, सोनिया, रंजना, शैली, विभूति, कविता, सुमित्रा, मधु, सुमन, सुखविंद्र, सोनम, सिकंदरा, अनिता, सुलोचना, रिशु, पूर्ण, धनेश, रंजीव कुठियाला आदि ने भाग लिया। छात्र-अभिभावक मंच के सदस्य कपिल शर्मा ने कहा है कि मंच का प्रतिनिधिमंडल 16 अप्रैल को प्राइवेट स्कूलों की लूट व मनमानी के खिलाफ प्रदेश के Education Minister Suresh Bhardwaj से मिला था व इनकी मनमानी को रोकने व फीस को निर्धारित करने के लिए कानून बनाने की मांग की थी। उन्होंने मांग की है कि 3 साल पहले डीसी शिमला द्वारा प्राइवेट स्कूलों की रेगुलेशन को लेकर एडीएम Shimla की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग पर Private Schools को खुली छूट देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि Shimla शहर में चल रहे प्राइवेट स्कूल छात्रों व अभिभावकों की खुली लूट कर रहे हैं। इनकी लूट में स्कूल टैक्सी संचालकों ने अपने रेट बढ़ाकर आग में घी डालने का कार्य किया है। अभिभावक बुरी तरह परेशान हैं। उन्होंने इसे शिक्षा माफिया करार दिया है।

प्राइवेट स्कूलों में बने रेगुलेटरी कमीशन

मंच की सह संयोजक बिंदु जोशी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया, विषय वस्तु व फीसों को संचालित करने के लिए रेगुलेटरी कमीशन बनाया जाए। उन्होंने कहा है कि शिक्षा का अधिकार कानून 2006 व वर्ष 2005 की CBSE की गाइडलाइन को सख्ती से लागू किया जाए। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत सरकारी स्कूलों की तर्ज़ पर Private Schools में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया जाए। सिंगल गर्ल्ज चाइल्ड को मुफ्त शिक्षा दी जाए व दो गर्ल्ज चिल्ड्रन से आधी फीस वसूली जाए। उन्होंने मांग की है कि स्कूलों में “पहले आओ-पहले पाओ” की तर्ज पर एडमिशन दी जाए। भारी फीसों में तुरंत कटौती की जाए। स्कूल यूनिफॉर्म, किताबों व अन्य स्टेशनरी के दामों में की जा रही भारी लूट को तुरंत रोका जाए।

एमआरपी से ज्यादा वसूली, प्रवेश प्रकिया में होती है धांधली

इसके साथ ही मंच की सदस्य तनुजा थाप्टा ने कहा है कि स्कूल कार्यक्रमों में छात्रों व अभिभावकों से भारी लूट की जा रही है व वस्तुओं की कीमत MRP से भी चार गुणा ली जा रही है। प्रवेश प्रक्रिया में भारी धांधली की जाती है व हजारों अभिभावकों से लाखों रुपए की लूट प्रोस्पेक्ट्स के जरिए ही की जा रही है। उन्होंने मांग की है कि स्कूलों को एडमिशन के हिसाब से ही प्रॉस्पेक्ट्स बेचने की इज़ाज़त दी जाए। उन्होंने मांग की है कि स्कूलों में शिक्षा के अधिकार कानून के तहत स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया जाए, जिसे लोकतांत्रिक तरीके से चुना जाए व अभिभावकों की भूमिका सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मांग की है कि Private Schools में शिक्षा के अधिकार कानून के तहत 25 प्रतिशत सीटें गरीब छात्रों के लिए आरक्षित की जाएं व उन्हें मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाए।

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