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Bharadwaj का आह्वानः नशे के क्षेत्र में नहीं पहाड़ों की रानी को शिक्षा में बनाएं Top

Bharadwaj का आह्वानः नशे के क्षेत्र में नहीं पहाड़ों की रानी को शिक्षा में बनाएं Top

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शिमला में स्कूलों के बच्चों, और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने निकाली रैली

Rally: शिमला। पहाड़ों की रानी ड्रग्स के मामले में छोटे नगरों में टॉप पर है और यह युवा पीढ़ी का दायित्व है कि इस हिल स्टेशन को शिक्षा के क्षेत्र में टॉप पर लाएं और ड्रग्स के खिलाफ एक अभियान चलाकर इसे नशे से मुक्त करवाएं। बीजेपी विधायक सुरेश भारद्वाज ने आज यहां यह बात कही। भारद्वाज प्रेस क्लब शिमला द्वारा नशे के खिलाफ आयोजित की गई रैली के शुभारंभ अवसर पर बोल रहे थे। इस रैली में राजधानी के विभिन्न स्कूलों के बच्चों, मीडिया कर्मियों और शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने हिस्सा लिया और दो किमी की रैली के दौरान लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया।

इससे पूर्व भारद्वाज ने स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि एक सर्वे के मुताबिक शिमला छोटे नगरों में ड्रग्स लेने में टॉप पर है। जो शिमला के लिए एक कलंक है और इसे युवा पीढ़ी को हटाना है। उन्होंने कहा कि शिमला के कई उपनगरों, स्कूलों और कालेजों के आस-पास नशेड़ियों के अड्डे हैं और इसका असर भावी पीढ़ी पर पड़ रहा है। ऐसे में स्कूली बच्चों पर इसकी सबसे ज्यादा जिम्मेदारी है कि वे न केवल नशे से दूर रहें, बल्कि लोगों को भी  इससे दूर रहने का आह्वान करे।


नशे के खिलाफ चलाएं अभियान

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि बच्चों के स्कूल, घर और आस-पास नशे के खिलाफ खड़ा होना है और सभी इसके दुष्प्रभाव से अवगत करवाना है। उन्होंने कहा कि एक वक्त ऐसा था जब चीन को अफीमचियों का देश कहा जाता था, क्योंकि वहां पर लोग अफीम का बहुत नशा करते थे और इससे वहां विकास भी नहीं था।

लेकिन वहां की सरकार ने नशे के खिलाफ जोरदार अभियान चलाया और इसे प्रतिबंधित कर दिया और आज उसका परिणाम सबके सामने है। आज चीन विश्व में सुपर पावर बन गया है। इसलिए यहां के बच्चों को ऐसा प्रण करके नशे से शिमला को मुक्त कराना है और इसे शिक्षा में टॉप पर लाना है। उनका कहना था कि इसमें युवाओं और खासकर स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि यदि भावी पीढ़ी इसे लेकर नहीं जागी तो शिमला की पहचान भी नशेड़ियों के रूप में होगी और इस पहचान को बदलना है और शिक्षा में टॉप में आकर दिखाना है।

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