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अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सवः सांकेतिक अनशन करेगी सुकेत सर्व देवता मेला कमेटी

अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सवः सांकेतिक अनशन करेगी सुकेत सर्व देवता मेला कमेटी

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सुंदरनगर। सुकेत सर्व देवता कमेटी इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव ( International Shivratri Festival) में शांतिपूर्ण सांकेतिक अनशन ( Indicative hunger strike) और धरना-प्रदर्शन करने जा रही है। इसको लेकर सुकेत सर्व देवता कमेटी ( Suket sarv Devata Committee) ने लिखित तौर पर डीसी व एसपी मंडी से अनुमति भी मांगी है। सुकेत सर्व देवता कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक सोनी ने कहा कि शिवरात्रि महोत्सव को देखने और यहां आए देवताओं का आशीर्वाद लेने मंडी जिला ( Mandi District) भर से लोग आते हैं।

 

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उन्होंने कहा कि शिवरात्रि मेले के लिए प्रशासन की ओर से 216 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया जाता है। इन 216 देवताओं में सुंदरनगर और करसोग का एक भी देवता पंजीकृत नहीं है। सोनी ने कहा कि मंडी प्रशासन राजाओं की तरह व्यवहार कर रहा है और उस समय दोनों रियासत के राजाओं में आपसी मनमुटाव होने के कारण देवताओं को एक दुसरे के मेलों में नहीं बुलाया जाता था। देश आजाद होने पर रियासतों का विलय हुआ और भारत देश बना। लेकिन सुकेत व मंडी आंतरिक तौर पर एक नहीं हुआ। जिसका प्रमाण सुकेत के देवताओं का पंजीकरण मंडी शिवरात्रि मेला में ना होना है।

उन्होंने कहा कि आरटीआई ( RTI) के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंडी के सभी उपमंडलों के देवता प्रशासन के पास पंजीकृत ( Registered) हैं जहां देव रथ विद्यमान है। अगर हम इतिहास को देखे तो सुकेत सबसे पुरानी रियासत थी। मंडी रियासत का उद्गम भी सुकेत रियासत से ही हुआ था। सोनी ने कहा कि इस मामले को लेकर पहले भी प्रशासन के साथ कई बार पत्रचार किया,परंतु प्रशासन सुकेत के देवताओं का पंजीकरण करना तो दूर कमेटी को भी नहीं बुलाया गया। उन्होंने कहा कि मंडी प्रशासन द्वारा सुकेत के देवताओं की अनदेखी किए जाने और देव समाज की भावना को आहत करने की सूरत में सुकेत सर्व देवता कमेटी मंडी शिवरात्रि मेला के दौरान शांतिपूर्ण सांकेतिक अनशन और धरना-प्रदर्शन करने जा रही है। अगर फिर भी मांगो को नहीं माना जाता तो धरने को उग्र रूप दिया जायेगा।

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