Covid-19 Update

58,457
मामले (हिमाचल)
57,233
मरीज ठीक हुए
982
मौत
11,045,587
मामले (भारत)
112,852,706
मामले (दुनिया)

विधायक यात्रा भत्ता बढ़ोतरीः सुक्खू बोले-चाहता तो बंद रख सकता था मुंह पर

विधायक यात्रा भत्ता बढ़ोतरीः सुक्खू बोले-चाहता तो बंद रख सकता था मुंह पर

- Advertisement -

शिमला। कांग्रेस विधायक एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खू (Sukhwinder Singh Sukhu) ने कहा है कि बीजेपी (BJP) सरकार द्वारा लाए गए टीए-डीए (TA/DA)बढ़ाने संबंधी विधेयक पर चाहते तो वह भी अपना मुंह बंद रख सकते थे, लेकिन विधायकों (MLA) की वर्तमान व वास्तविक स्थिति पर बोलना जरूरी था। विधेयक पर चर्चा के दौरान मेरी भावना विधायकों की चुनौतियों को उठाने की रही, भत्ते बढ़ाना नहीं।


यह भी पढ़ें: हिमाचल में उपचुनाव की तिथियों की घोषणा को लेकर क्या बोले जयराम-जानिए

ताकि विधायक अपने कर्तव्यों व फर्ज को ईमानदारी से निभा सकें। बीजेपी सरकार के लाए गए विधेयक पर चर्चा इसलिए आवश्यक थी, ताकि जनता को सच्चाई पता चल सके। एक विधायक को वेतन (Salary) तो मात्र 55 हजार रुपए मिलता है, बाकी तो भत्ते मिलते हैं, जोकि जनता का काम करने के लिए ही खर्च किए जाते हैं। विधायक का कार्यालय खर्च ही रोजाना का दो से ढाई हजार रुपए आ जाता है।


अधिकतर विधायक यात्रा भत्ता क्लेम नहीं करते

सरकार विधायकों को गाड़ी दे, ड्राइवर, पेट्रोल, ऑफिस व विधानसभा दौरे पर आने वाले सभी खर्च उठा ले तो विधायकों को कोई भत्ते देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वैसे भी अधिकतर विधायक यात्रा भत्ता क्लेम नहीं करते हैं। बीते वर्ष मात्र 15 लाख रुपए यात्रा भत्ते (Travel allowance) पर सरकार के खर्च हुए। जो यात्रा भत्ता बढ़ाया गया है, उसका कोई लाभ विधायकों को होने वाला नहीं है। क्योंकि, यह हिमाचल की सीमाओं से बाहर मिलेगा।

जनता को यह बताना भी जरूरी था कि विधायकों को अपने वेतन से विधानसभा क्षेत्र में अनेक कार्यों के लिए पैसा खर्च करना पड़ता है। ऐसा पहली बार हुआ कि भत्तों में वृद्धि संबंधी विधेयक पर सदन में चर्चा हुई, उसके बाद विधेयक पारित हुआ। अभी तक यह विधेयक बिना चर्चा के ही पारित होते आए हैं। विधायक बोलने से कतराते रहते थे और जनता में उनकी छवि दागदार बनी रहती थी। वह यह भी बताना चाहते हैं कि यात्रा भत्ता ठीक वैसी ही सुविधा विधायकों के लिए है, जैसे कर्मचारियों को यात्रा करने पर एलटीसी (LTC) मिलती है।


विद्या स्टोक्स ही एकमात्र नेता, जो एक रुपए लेती वेतन

सूक्खू ने कहा कि प्रदेश में पूर्व वरिष्ठ मंत्री विद्या स्टोक्स ही एकमात्र नेता रहीं जो केवल एक रुपए वेतन लेती रहीं, वर्तमान में 68 विधायकों में ऐसा कोई नहीं, जो वेतन छोड़ रहा हो। इन सब बातों के मद्देनजर ही वह संकल्प लाए थे कि विधायकों को हर साल अपनी संपत्ति व देनदारियां सार्वजनिक करने के साथ ही आय के स्रोत भी बताने चाहिए। जिससे विधायकों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ जाएगी।

सूक्खू (Sukhu) ने कहा कि यूं ही कोई विधायक नहीं बन जाता। कड़ा संघर्ष करने के साथ ही लोगों का विश्वास जीतना पड़ता है। विधायक बनने के बाद उनका जीवन जनता को समर्पित होता है, तरह-तरह की बातें सुननी पड़ती हैं, बेबुनियाद आरोप भी लगाए जाते हैं। इसलिए ही वे विधायकों के पारदर्शी जीवन के हिमायती हैं। उन्होंने कहा कि वह एक बार फिर दोहराते हैं, विधायकों को अपनी संपत्ति व आय के स्रोत हर साल सार्वजनिक करने चाहिए। उनका जनता के प्रति जवाबदेह होना जरूरी है। विधायक नैतिकता का भी पालन करें। अगर उनका जीवन पारदर्शी होगा तो कोई उन पर उंगली नहीं उठा सकता।

हिमाचल अभी अभी Mobile App का नया वर्जन अपडेट करने के लिए इस link पर Click करें ….

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है