Covid-19 Update

2,18,202
मामले (हिमाचल)
2,12,736
मरीज ठीक हुए
3,650
मौत
33,650,778
मामले (भारत)
232,110,407
मामले (दुनिया)

Osho Nisarg हिमालय ध्यान केंद्र धर्मशाला के संस्थापक Swami Anand Tathagata का निधन

Osho Nisarg हिमालय ध्यान केंद्र धर्मशाला के संस्थापक Swami Anand Tathagata का निधन

- Advertisement -

धर्मशाला। ओशो निसर्ग हिमालय ध्यान केंद्र धर्मशाला (Osho Nisarg Himalaya Meditation Center Dharamshala) के संस्थापक स्वामी आनंद तथागत (Swami Anand Tathagata) का लंबी बीमारी के बाद निधन (Passed away) हो गया। स्वामी आनंद तथागत पिछले कुछ वर्षों से असाध्य रोग से पीड़ित थे। शुक्रवार देर शाम लखनऊ में उन्होंने अंतिम सांस ली। 25 अक्टूबर, 1949 को जन्मे स्वामी आनंद तथागत का असली नाम अशोक कुमार था। वह फार्मास्यूटिकल पेशेवर के रूप में काम कर रहे थे, जो उन्होंने 1984 तक जारी रखा। स्वामी आनंद तथागत की ओशो की दृष्टि में पहला प्रदर्शन 1970 में हुआ। ओशो की पुस्तकों को पढ़ना उनका प्यार और जुनून बन गया। वर्ष 1984 उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया जब वह पुणे आए और ओशो के नव संन्यास में लीन हो गए।

ओशो के विश्व दौरे से पुणे लौटने के बाद नवंबर 1988 में ओशो ने उन्हें कम्यून-इन-चार्ज की जिम्मेदारी सौंपी। ओशो नव सन्यास के प्रमुख सन्यासी के रूप में उन्हें पहचाना जाता रहा है। वर्ष 2000 में धर्मशाला में आने के बाद ओशो निसर्ग हिमालय ध्यान केंद्र धर्मशाला की कल्पना हिमालय में ओशो के निवास स्थान के रूप में की गई। स्वामी आनंद तथागत ने इसके निर्माण के लिए जोश भरा। उन्होंने हमेशा ध्यान के रूप में काम लिया है जो कि उनका मुख्य ध्यान होता था। इसके साथ ही उनका ओशो ध्यान और चिकित्सा के विभिन्न तरीकों से समृद्ध होता रहा जो पुणे में ओशो कम्यून और ओशो निसर्ग ध्यान केंद्र धर्मशाला में उपलब्ध हैं।

स्वामी आनंद तथागत और मां योग नीलम ने 1999 में पुणे का कम्यून छोड़ दिया था। वे इनर सर्कल (21 सदस्यों का समूह) का हिस्सा थे। उनके मतभेद थे और वे खुश नहीं थे कि इनर सर्कल के चेयरमैन जयेश कम्यून के मामलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित कर रहे थे। वर्ष 2000 में ओशो की निजी सचिव रही मां नीलम व स्वामी आनंद तथागत द्वारा पूणे के ओशो कम्यून के विघटन के बाद बॉलीवुड कलाकार एवं पूर्व सांसद विनोद खन्ना (Vinod Khanna) के सहयोग से धर्मशाला के शिल्ला गांव में ओशो निसर्ग हिमालय ध्यान केंद्र धर्मशाला का निर्माण किया था।

हिमाचल की ताजा अपडेट Live देखनें के लिए Subscribe करें आपका अपना हिमाचल अभी अभी YouTube Channel…

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है