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स्वप्न में उत्तर देती हैं देवी स्वप्नेश्वरी

स्वप्न में उत्तर देती हैं देवी स्वप्नेश्वरी

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स्वप्न प्रदान करने वाली देवी स्वप्नेश्वरी हैं जो विद्या की देवी सरस्वती की बहन हैं। माता सरस्वती ने ही स्वप्न देने वाला विभाग उनको सौंप रखा है। अंबे स्वप्नेश्वरी मनुष्य के हृदय में शुभ-अशुभ स्वप्न प्रदान करती हैं। इनकी सिद्धि करने वाला भूत, भविष्य या वर्तमान की किसी भी बात की जानकारी निकाल सकता है और समस्याओं का हल भी ढूंढ लेता है।

साधना विधि-
सोमवार की रात्रि में बारह बजे के करीब अपने ही घर में पवित्र स्थान पर गोबर से लीप कर चौका बनाएं उस पर देसी घी का दीपक जलाएं। फूल सफेद होने चाहिए। धूप अगरबत्ती जला कर देवी का आवाहन करें और बताशे रखें फिर पवित्र हृदय से मंत्र द्वारा 21 माला जप करें।

मंत्र-
ऊँ नमः स्वप्न चक्रेश्वरी
स्वप्ने अवतर अवतरगतं
वर्तमानम कथय कथय स्वाहा
जप समाप्त होने के बाद स्वप्नेश्वरी ज्योति की आरती करें फिर मस्तक पर ज्योति का भस्म लगा कर सो जाएं। ज्योति के पास ही कंबल बिछा कर भूमि पर सो जाएं। पूरे 61 दिनों में यह साधना पूरी होती है और इन दिनों में फलहार ही लेना पड़ता है। अंतिम दिन 1100 मंत्रों द्वारा हवन करें, बासठवें दिन अन्न ग्रहण कर सकते हैं। इसके बाद जब कभी कोई समस्या सामने आए तो उसके समाधान हेतु सोमवार को दीप जला कर अगरबत्ती-धूप से दीपक ज्योति की पूजा करें और 101 बार मंत्र जप कर अपना-अपना प्रश्न सुना कर सो जाएं। भगवती स्वप्नेश्वरी स्वप्न में आपको उत्तर अवश्य देंगी।

dreamस्वप्न वाराही मंत्र :
ऊँ ह्वीं नमो वाराही अघोरे
स्वप्न दर्शय ठःढः स्वाहा
उपरोक्त मंत्र का शनिवार की रात्रि में जप प्रारंभ करें और चारपाई पर बैठे-बैठे ही ग्यारह सौ बार जप करें। यह साधना आसान है और गयारह दिनों तक जप करने के बाद ही साधक को स्वप्न में उत्तर मिलने लगते हैं। हां यह मंत्र जप स्नान करके पवित्र होकर साफ-सुथरे बिस्तर पर ही करना है।

एक और विधि-
गेहूं का आटा सवासेर लें उसमें सवापाव गाय का घी और सवा पाव चीनी मिलाकर भून लें। यह तैयारी शुक्रवार को ही कर लें या शनिवार की सुबह कर लें। शनिवार के दिन स्नान कर वन प्रांतर में चले जाएं और चींटियों के बिलों पर मंत्र पढ़ते हुए थोड़ी-थोड़ी सामग्री डालते जाएं।
मंत्र-जोजन गंधा जोगिनी
ऋद्धि-सिद्धि में भरपूर
मैं आया तोय जायणे
करुजो कारज जरूर
यह क्रिया वन में घूमते हुए करें और इतना घूमें कि थक जाएं जब सारी सामग्री समाप्त हो जाए और आप खूब थक लें तो वहीं किसी वृक्ष के नीचे सो जाएं। नींद में ही आपको देवी का साक्षात होगा और आप अपने प्रश्नों का उत्तर पा सकेंगे।

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