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Budget 2021 : टैक्स स्लैब में नहीं हुआ कोई बदलाव, करदाताओं के हाथ लगी मायूसी

एनआरआई लोगों को टैक्स भरने के लिए डबल टैक्स सिस्टम से छूट

Budget 2021 : टैक्स स्लैब में नहीं हुआ कोई बदलाव, करदाताओं के हाथ लगी मायूसी

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आज आम बजट को पेश किया। इस बार बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र (Health Sector) पर फोकस किया गया, लेकिन करदाताओं के हाथ में मायूसी लगी है क्योंकि टैक्स स्लैब (Tax Slab) में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में मिडिल क्लास को बजट से पहले जितनी भी उम्मीदें थी, वो धरी की धरी रह गई हैं।
टैक्स भरने वाले करदाताओं को इस बार भी बजट में कुछ खास नहीं मिला। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Budget 2021 में ऐलान करते हुए कहा है कि इनकम टैक्‍स की स्‍लैब जस की तस बनी रहेंगी यानी इस बार इनकम टैक्‍स स्‍लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। हालांकि एग्री इंफा डेवलपमेंट सेस लगाया जाएगा।

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वित्त मंत्री (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने कहा कि जब दुनिया इतने बड़े संकट से गुजर रही है, तब सभी की नजरें भारत पर हैं। ऐसे में हमें अपने टैक्सपेयर्स को सभी सुविधाएं देनी चाहिए। हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीनियर सिटीजन के लिए स्पेशल ऐलान किया। 75 साल से अधिक उम्र वाले सीनियर सिटीजन को अब टैक्स में राहत दी गई है। अब 75 साल से अधिक उम्र वालों कों ITR नहीं भरना होगा। हालांकि, ये लाभ सिर्फ पेंशन लेने वालों को मिलेगा। वित्त मंत्री ने छोटे करदाताओं के लिए मुकदमेबाजी को और कम करने के लिए विवाद समाधान समिति गठित करने का प्रस्ताव बजट भाषण में किया है। ये समिति दक्षता, पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। 50 लाख रुपए तक की कर योग्य आय वाले और 10 लाख रुपए तक की विवादित आय वाले व्‍यक्ति इस समिति के समक्ष जा सकेंगे।

निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि एनआरआई लोगों को टैक्स भरने में काफी मुश्किलें होती थीं, लेकिन अब इस बार उन्हें डबल टैक्स सिस्टम से छूट दी जा रही है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि स्टार्ट अप को जो टैक्स देने में शुरुआती छूट दी गई थी, उसे अब 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दिया गया है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि राजकोषीय घाटा को 6।8 फीसदी तक रहने का अनुमान है। इसके लिए सरकार को 80 हजार करोड़ की जरूरत होगी, जो अगले दो महीनों में बाजार से लिया जाएगा।

छह साल में स्वास्थ्य क्षेत्र पर करीब 61 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार अगले छह सालों में स्वास्थ्य क्षेत्र पर करीब 61 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि इन पैसों को प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च स्तर तक की स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाएगा और नई बीमारियों पर भी ध्यान दिया जाएगा और यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से अलग होगा।

देशभर में 75 हजार ग्रामीण हेल्थ सेंटर खोले जाएंगे। साथ ही सभी जिलों में जांच केंद्र और 602 जिलों में क्रिटिकल केयर यूनिट (महत्वपूर्ण देखभाल इकाइयां) खोले जाएंगे। इसके अलावा 17 नए पब्लिक हेल्थ यूनिट को भी चालू किया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वर्ल्ड हेल्थ बनाने की घोषणा की है। इसके अलावा देश में नौ बायो लैब भी बनाई जाएंगी। उन्होंने कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए चार इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भी बनाए जाने की घोषणा की है।

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