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नियुक्ति से पहले शिक्षकों का हो मनोवैज्ञानिक परीक्षणः सीएम

नियुक्ति से पहले शिक्षकों का हो मनोवैज्ञानिक परीक्षणः सीएम

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शिमला।ध्यापकों को तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा करना सुनिश्चित बनाने पर सीएम वीरभद्र सिंह ने विशेष बल दिया है। इसके लिए वे एक सख्त नीति बनाने के पक्षधर हैं। वीरभद्र सिंह ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, फागली में आयोजित समारोह के दौरान कहा कि उन्होंने देखा है कि कुछ अध्यापक हमेशा ही शिक्षण व्यवसाय की बजाए तबादले में व्यस्त रहते हैं, इसी कारण प्रदेश सरकार ने अपरिहार्य कारणों को छोड़कर शिक्षकों के तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने अध्यापकों का नियुक्ति से पूर्व मनोवैज्ञानिक परीक्षण का भी सुझाव भी दिया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे शिक्षण व्यवसाय में रुचि रखते हैं या नहीं। इससे शिक्षा के प्रति समर्पित अध्यापकों की नियुक्ति सुनिश्चित हो सकेगी। सीएम ने कहा कि अध्यापकों को शिक्षण को व्यवसाय के रूप में लेने की बजाए, इसे मिशन के रूप में अपनाना चाहिए। अध्यापकों को कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त समय देकर कक्षाएं लगानी चाहिएं।cm-2
अध्यापकों का हमेशा ही यह उद्देश्य होना चाहिए कि वे अच्छे विद्यार्थी तैयार करने के साथ.साथ उन्हें एक अच्छा इंसान भी बनाएं। उन्होंने कहा कि सत्र के बीच में अध्यापकों के स्थानांतरण को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को अपनी इच्छा से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा प्रदान करने का विकल्प चुनना चाहिए। सीएम ने कहा कि हमें समर्पित अध्यापकों की आवश्यकता है और बहुत से अध्यापक विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी बेहतर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे अध्यापक जो प्रदेश के दूरदराज व जनजातीय क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर अपने व्यवसाय के प्रति पूरी तरह से समर्पित है को सामने लाना चाहिएए ताकि अन्य उनसे प्रेरणा ले सकें।
शिक्षा के प्रचार के लिए शिक्षण संस्थानों की स्थापना पर बल
cmसीएम ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश, देश भर में शिक्षा के केन्द्र के रूप में उभरा है। प्रदेश में अनेक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान खोले गए हैं। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र में अनेक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान गुणात्मक एवं मूल्य आधारित उच्च व्यवसायिक शिक्षा विद्यार्थियों को प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला के धौलाकुंआ में भारतीय प्रबन्धन संस्थान खोला जा रहा है, जबकि मंडी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान अनेक बेहतरीन विद्यार्थियों को तैयार कर रहा है। इसके अतिरिक्त ऊना में भारतीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी संस्थान खोला गया है और अनेक आईटीआई एवं पॉलिटेकनिक संस्थान विद्यार्थियों की व्यवसायिक आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में एम्स खोला जा रहा है,जबकि हाईड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, ललित कला महाविद्यालय तथा इस स्तर के अनेक संस्थान प्रदेश में खोले गए हैं ताकि इन संस्थानों से शिक्षा ग्रहण करने वाले हिमाचली युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के और अधिक अवसर उपलब्ध हो सकें।

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