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वीरभद्र के मंत्रियों का शांता पर पलटवार

वीरभद्र के मंत्रियों का शांता पर पलटवार

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शिमला। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने बीजेपी नेता शांता कुमार के जिसमें उन्होंने पीएम की परिवर्तन रैली को लेकर सीएम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए अपनी अप्रसन्नता व्यक्त करने के वक्तव्य की कड़े शब्दों में निंदा की है। आज यहां जारी हुए एक संयुक्त वक्तव्य में उन्होंने शांता कुमार को स्मरण करवाया कि सीएम वीरभद्र सिंह ने न केवल पीएम का मंडी पहुंचने पर अभिनन्दन किया, बल्कि ऊर्जा परियोजनाओं के लोकार्पण समारोह के दौरान भी उनके साथ उपस्थित रहे और रैली समापन के पश्चात पीएम को सहृदय विदाई दी।

  • अग्निहोत्री व अनिल शर्मा बोले, बीजेपी ने रैली को दिया राजनीतिक रूप  
  • शांता को सलाह, सरकार द्वारा पीएम को दिए ज्ञापन का करें समर्थन

सीएम ने स्वयं रैली स्थल का दौरा किया तथा पीएम के स्वागत के लिए समुचित प्रबन्ध को सुनिश्चित किया, पर दुर्भाग्यवश बीजेपी ने cmइस रैली को एक राजनीतिक रूप दिया। वास्तव में प्रदेशवासियों में पीएम के दौरे को लेकर बीजेपी नेताओं द्वारा किए गए बड़े-बड़े दावों के बाबजूद प्रदेश को कुछ नहीं मिलने से भारी रोष है। उन्होंने कहा कि यह पीएम ही थे जिन्होंने इस रैली के दौरन प्रदेश के सीएम, जो कि देश के सम्मानीय नेताओं में शुमार हैं, के खिलाफ अनावश्यक टिप्पणी की। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक सम्मानीय पद पर विराजमान व्यक्ति ऐसे सीएम जो पांच दशकों से भी अधिक समय से सार्वजनिक जीवन में हैं, के खिलाफ सार्वजनिक मंच से ऐसे बयान दिए। अग्निहोत्री और शर्मा ने कहा कि पीएम द्वारा 72 हजार करोड़ रुपये का अनुदान देना कोई नई बात नहीं है, क्योंकि यह तो 14वें वित्त आयोग के अन्तर्गत पाचं वर्षों के लिए 2019 तक दिए गए अनुदान के रूप में राज्य का वैधानिक अधिकार है। यह आश्चर्यजनक है कि राज्य के लिए कुछ घोषणा करने के बजाय पीएम ने केन्द्र द्वारा राज्य को आवंटित धनराशि को गिनाया, जो लोकतांत्रिक ढांचे में एक स्वाभाविक व्यवस्था है, जिसके तहत हर राज्य को केन्द्र द्वारा उसका वैधानिक हिस्स दिया जाता है।

मंत्रियों ने कहा कि राज्य सरकार ने पीएम को एक 12-सूत्रीय ज्ञापन दिया है, जिसमें प्रदेश की सभी उचित मांगों का विवरण है। शांता कुमार को shantaचाहिए कि इस ज्ञापन का समर्थन करते हुए बीजेपी सहयोगियों को राज्य सरकार का इस विषय पर समर्थन करने का आग्रह करें, जिससे हिमाचल को उसका उचित अधिकार मिल सके। यदि बीजेपी नेता प्रदेश के सच्चे हितैषी हैं तो उन्हें प्रदेश सरकार के साथ पार्टी-लाइन से उठकर काम करना चाहिए, ताकि प्रदेश को केन्द्र से उसकी उचित हिस्सेदारी मिल सके। बीजेपी नेताओं के इस मुद्दे पर चुप्पी ने विपक्ष के नेताओं का दोहरा चेहरा उजागर कर दिया है। अग्निहोत्री और शर्मा ने कहा कि ऐसी निराधार बयानबाजी शांता कुमार के कद के नेता को शोभा नहीं देती और उनको इस पर आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्हें अपने राजनीतिक प्रभाव का सदुपयोग राज्य को केन्द्र से न्यायसंगत अधिकार दिलाने के लिए करना चाहिए।

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