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DHUMAL बोले: नाकाबलियत छुपाने को Govt कर रही दोषारोपण की Politics

DHUMAL बोले:  नाकाबलियत छुपाने को Govt कर रही दोषारोपण की Politics

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शिमला। नेता प्रतिपक्ष  प्रेम कुमार धूमल ने आपदा प्रबन्धन पर प्रदेश सरकार को  कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आपदाओं से निपटने के लिए प्रदेश सरकार हाथ खड़े कर चुकी है। हाल में हुई बर्फबारी के पश्चात से प्रभावित क्षेत्रों में बिजलीए सड़क और पेयजल सुविधायें  बुरी तरह से प्रभावित हुई है। सम्पर्क सड़कों के खराब होने से सैंकड़ो बस रूट बंद हैं। कुछ क्षेत्रों में  पहली बर्फबारी से ही विद्युत व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई है। प्रदेशभर में लग रहे बिजली के कटों से लोग परेशान है। प्रदेशभर में सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। व्यवस्थाओं को सामान्य करने के बजाए प्रदेश सरकार  हाथ पर हाथ धरे बैठी है। धूमल ने कहा कि नाकामी और नाकाबलियत को छुपाने के लिए प्रदेश सरकार दोषारोपण  की राजनीति को अपना हथियार बनाने की कोशिश कर रही है। एम्स के लिए पैसों का आबंटन तो तब होगा, जब प्रदेश सरकार भूमि सम्बन्धी सभी औपचारिकताओं को पूर्ण कर लेगी। प्रदेश स्तर पर हो रही लापरवाही  के लिए केन्द्र सरकार को कोसाना निंदनीय है।


इसी तरह 61 राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से पूर्व डीपीआर  तैयार करने के लिए ही प्रदेश सरकार को लगभग 229.60 करोड़ रुपये आबंटित किए जा चुके हैं, परन्तु प्रदेश  सरकार डीपीआर तैयार करने के लिए प्रारंभिक कार्य कर पाने में ही असफल साबित हुई है। प्रदेश में  स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए केन्द्र सरकार अभी तक 1500 करोड़ रुपये से अधिक हिमाचल प्रदेश को दे चुकी है, परन्तु इसको भी खर्च कर पाने में प्रदेश सरकार असफल साबित हुई है। धूमल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने हिमाचल के विकास के लिए पूर्व की यूपीए सरकार की तुलना में कई गुणा अधिक धन उपलब्ध करवाया है। पर नीयत और नीति के अभाव में प्रदेश सरकार इसका सदुपयोग कर पाने में नकारा साबित हुई है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय दरों में प्रदेश के हिस्से के रूप में वर्ष  2011-12 में यूपीए शासनकाल में प्रदेश को मात्र 2060.67 करोड़ रुपये मिले थे। जबकि वर्ष 2016-17 में यह  राशि बढ़कर 4333.67 करोड़ रुपये हो चुकी है। इसी तरह केन्द्रीय सहायताए अनुदान व अंशदान के रूप में  2011-12 में हिमाचल को 5998.67 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे और 2016-17 में इस मद में लगभग 6800  करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ प्रदेश सरकार को 12798.88 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। केवल इन दो मदों में ही प्रदेश सरकार को केवल एक वर्ष 2016-17 में 9067 करोड़ रुपये अधिक मिले हैं। 

धूमल ने कहा कि मोदी सरकार की हिमाचल को सबसे बड़ी सौगात यह है कि उन्होंने प्रदेश के विशेष राज्य के दर्जे को बहाल किया है। हिमाचल के विशेष राज्य के दर्जे को पूर्व कांग्रेस सरकार ने केवल इसलिए  छीन लिया था, क्योंकि तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हिमाचल का तीव्र विकास प्रदेश के कुछ कांग्रेसियों को रास नहीं आ रहा था। मोदी सरकार के इस फैसले से केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं में अब प्रदेश को 90 प्रतिशत धन अनुदान के रूप में और 10 प्रतिशत दीर्घकालीन ऋण के रूप में मिलेगा। धूमल ने कहा कि इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को 61 नए राजमार्ग जिसके तहत 3900 किमी सड़क बनेगी और लगभग 60 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। चम्बा, हमीरपुर व नाहन में बनने वाले मैडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए 600 करोड़ रुपये रेलवे के विस्तारीकरण के लिए 565 करोड़ रुपये, हाईड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बद्दी में 107 करोड़ रुपये की लागत से टूल रूम, 50 करोड़ रुपए की लागत से सीआईपीईटी का केन्द्र जैसी कई अन्य योजनाओं के लिए धन का प्रावधान किया है।

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