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खुद से बड़ी उम्र का पार्टनर चुनने के ये हैं फायदे

खुद से बड़ी उम्र का पार्टनर चुनने के ये हैं फायदे

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आपने ज्यादातर कपल्स ऐसे देखे होंगे जिसमें लड़के लड़िकयों से उम्र में बड़े होते हैं। शादी के समय भी लोग यही चाहते हैं कि फिमेल पार्टनर (Female partner) के कंपैरिजन में मेल की उम्र ज्यादा हो। हालांकि कई हम उम्र पार्टनर भी होते हैं लेकिन ये कपल कम ही होते हैं। उम्र के इतने फासले के बावजूद ये कपल्स (Couples) मजबूती और प्यार के साथ अपने रिश्ते को जीते दिखते हैं। वैसे तो प्यार सच्चा हो तो उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता, लेकिन अगर पार्टनर उम्र में बड़ा है तो इसके कई फायदे हैं। हम आपको बताते हैं उम्र का रिश्तों पर कैसे असर पड़ता है …


रिश्ते में सिर्फ प्यार ही नहीं बल्कि आपसी समझ और सम्मान भी बेहद जरूरी होता है। ये चीजें उम्र में बड़े होने के कारण मेल पार्टनर ज्यादा बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। इतना ही नहीं वे यह भी समझते हैं कि हर किसी की पर्सनल स्पेस होती है जिसका हमेशा सम्मान करना चाहिए।

मैच्योर होने के कारण बड़ी उम्र के पुरुष इस बात को लेकर बेहद क्लियर होते हैं कि वे अपनी लाइफ, पार्टनर, जॉब, परिवार आदि से क्या चाहते हैं और इसके लिए उन्हें भी क्या-क्या करना होगा। विजन क्लियर होने के कारण वे इसकी ओर पूरे समर्पण के साथ काम करते हैं जो रिश्ते में प्यार के साथ ही सुरक्षा की भावना लाता है।

इंसान बढ़ते समय के साथ चीजों को सीखता जाता है और यह एक्सपीरियंस उसे ज्यादा मैच्योर बनाता है। ऐसा व्यक्ति जीवन की चीजों को भी गंभीरता से लेता है और प्यार जैसे मामले में भी यही अप्रोच फॉलो करता है। ऐसे रिश्ते में गलतफहमी पलने का मौका कम होता है क्योंकि पुरुष साथी अपने पार्टनर के हर फैसले और पसंद-नापसंद को मैच्योरनेस के साथ फेस करता है, जिससे झगड़े भी अपने आप कम हो जाते हैं। यह रिश्ते को ज्यादा मजबूती देने में मदद करता है।

उम्र के साथ प्यार के मायने भी बदलते जाते हैं। यंग ऐज में जहां ब्यूटी ही सब कुछ होती है तो वहीं उम्र बढ़ने के साथ लोग अपने साथी में ज्यादा समझदारी और अच्छे नेचर को तलाशते हैं। जब रिश्ते सिर्फ लुक्स पर निर्भर नहीं होते हैं तो उनकी शुरुआत मजबूती से होती है जो आगे भी बनी रहती है।

पैसे ऐसी चीज है जिसे व्यक्ति समय के साथ ही मैनेज करना सीख सकता है। लेकिन अगर आपका पार्टनर उम्र में बड़ा है तो उसे इसका ज्यादा बेहतर एक्सपीरियंस होगा। ऐसे में आपने मनी मैनेजमेंट को लेकर वह कई काम के सुझाव दे सकता है।

यंग ऐज में सबसे ज्यादा यूथ आइडेंटिटी क्राइसेस से गुजरते हैं, लेकिन एक्सपीरियंस होने पर यह समस्या अपने आप खत्म हो जाती है। यही वजह है कि 20 की उम्र में चल रहे लड़कों के मुकाबले 30 या इससे ज्यादा की उम्र के पुरुषों में इनसिक्यॉरिटी की भावना कम होती है। यह रिश्ते में एक मजबूत ठहराव लाता है जो प्यार और सिक्यॉरिटी की भावना से भरा होता है।

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