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ये है दुनिया का सबसे जहरीला मेंढक, 1.50 लाख रुपए है कीमत

पूरी दुनिया में की जाती है इस दुर्लभ मेंढक की तस्करी

ये है दुनिया का सबसे जहरीला मेंढक, 1.50 लाख रुपए है कीमत

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दुनिया में कई तरह के विचित्र जीव होते हैं जिनकी खूबियां किसी को भी हैरान कर सकती हैं। दुनिया के सबसे जहरीले मेंढक (Poisonous frog) के बारे शायद ही आपने सुना होगा। इस मेंढक में इतना जहर (Poison) होता है कि वह 10 इंसानों को मौत की नींद सुला दे। इस प्रजाति के एक मेंढक की अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में कीमत 2000 डॉलर यानी करीब 1.50 लाख रुपए है। मेंढक की इस प्रजाति का नाम है पॉयजन डार्ट मेंढक (Poison Dart Frog)। ये एक लुप्तप्राय प्रजाति का मेंढक है। आमतौर पर ये मेंढक पीले और काले रंग के होते हैं। कुछ हरे-चमकदार नारंगी रंग और कुछ नीले-काले रंग के भी होते हैं। इस मेंढक में इतना जहर होता है जिसकी वजह से इसकी पूरी दुनिया में तस्करी की जाती है।

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आमतौर पर इन मेंढकों की लंबाई 1.5 सेंटीमीटर होता है, लेकिन कुछ 6 सेंटीमीटर तक बड़े हो जाते हैं। औसत वजन 28 से 30 ग्राम होता है, लेकिन इनके अंदर मौजूद जरा सा जहर 10 इंसानों को मौत के घाट उतार सकता है। पॉयजन डार्ट मेंढक मूल रूप से बोलिविया, कोस्टारिका, ब्राजील, कोलंबिया, इक्वाडोर, वेनेजुएला, सूरीनाम, फ्रेंच गुएना, पेरू, पनामा, गुयाना, निकारागुआ और हवाई के ट्रॉपिकल जंगलों में मिलते हैं। नर मेंढक ही अपने अंडों का ख्याल रखते हैं। इन्हें पत्तों, खुले जड़ों, या गीली सतहों पर छिपा कर रखते हैं।

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जर्मनी स्थित हम्बोल्ट इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स (Researchers) का मानना है कि कोलंबिया में 200 एंफीबियंस यानी उभयचर प्रजातियों को लुप्तप्राय या संकटग्रस्त घोषित किया गया है। इनमें से ज्यादातर मेंढक हैं। पॉयजन डार्ट मेंढक भी इसमें शामिल है। इसका रंग और जहर ही इसे बेशकीमती बनाता है। इन मेंढकों को बचाने का प्रयास 16 सालों से किया जा रहा है, लेकिन इनकी तस्करी में कोई कमी नहीं आई है। पॉयजन डार्ट मेंढक और इससे संबंधित प्रजातियों को बचाने के लिए कोलंबिया में कॉमर्शियल ब्रीडिंग प्रोग्राम शुरू कराया गया ताकि इन जीवों को बचाया जा सके।

काफी संघर्ष के बाद इस ब्रीडिंग प्रोग्राम (Breeding program) के तहत साल 2011 में पीली धारियों वाले जहरीले पॉयजन डार्ट मेंढक को लीगली एक्सपोर्ट करने की अनुमति मिली। साल 2015 तक इसी मेंढक से मिलती-जुलती तीन और प्रजातियों के एक्सपोर्ट की अनुमति मिली। अब इस ब्रीडिंग सेंटर में सात प्रजातियों के मेंढकों का प्रजनन कराया जाता है। इसके बाद इन्हें अमेरिका, यूरोप और एशिया में भेजा जाता है। हाल ही में एक स्टडी की गई थी, जिसमें बताया गया था कि साल 2014 से 17 के बीच अमेरिका में मंगाए गए विभिन्न प्रकार के मेंढकों में से बड़ा हिस्सा पॉयजन डार्ट मेंढक का था। इन मेंढकों के जहर का उपयोग दवाइयों में होता है। इनके जहर से दर्दनिवारक दवाइयां बनाई जाती हैं।

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