Covid-19 Update

2,00,410
मामले (हिमाचल)
1,94,249
मरीज ठीक हुए
3,426
मौत
29,933,497
मामले (भारत)
179,127,503
मामले (दुनिया)
×

इस स्कीम में Invest करने वालों को Lockdown में भी मिल रहा पैसा, आपने किया या नहीं

इस स्कीम में Invest करने वालों को Lockdown में भी मिल रहा पैसा, आपने किया या नहीं

- Advertisement -

नई दिल्ली। हर आदमी चाहता है कि उसे अपने निवेश पर बढ़िया रिटर्न मिले। कोरोना संकट के बीच तो अगर ऐसा कोई निवेश हो जो हर महीने कमाई का जरिया हो तो इससे बढ़िया और क्या होगा। अगर आपने पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) में पैसा लगाया हुआ है तो आपके लिए ये फायदेमंद साबित हो रहा होगा। MIS ऐसी स्मॉल सेविंग स्कीम है, जिसमें पैसे लगाने पर आपको हर महीने कमाई का मौका मिलता है। पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में एकमुश्त निवेश करने से हर महीने बतौर ब्याज आपको इनकम होती है। इस अकाउंट की मैच्योरिटी अवधि 5 साल की होती है। हम आपको इस स्कीम के बारे में डिटेल से बताते हैं …

यह भी पढ़ें: हमीरपुर में 11 दिन से होम क्वारंटाइन व्यक्ति की मौत, Lung Cancer से था पीड़ित

MIS स्कीम के तहत सिंगल और जॉइंट दोनों तरह से अकाउंट खोला जा सकता है। इंडिविजुअल खाता खोलते समय आप इस स्कीम में न्यूनतम 1,000 रुपये और अधिकतम 4.5 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं। लेकिन, जॉइंट अकाउंट के मामले में अधिकतम 9 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। रिटायर्ड और सीनियर सिटिजन्स के लिए यह काफी फायदे की स्कीम है।


 

अगर जॉइंट अकाउंट खुलवाया गया है तो बतौर ब्याज मिलने वाली इनकम को बराबर हिस्सों में हर खाताधारक को दिया जाता है।
जॉइंट अकाउंट को कभी भी सिंगल में बदला जा सकता है। इसी तरह सिंगल को जॉइंट में कन्वर्ट किया जा सकता है।
अकाउंट में बदलाव कराने के लिए जॉइंट ऐप्लिकेशन देनी होती है।

MIS खाते से पैसे निकालने की ये हैं शर्तें

  1. अकाउंट खुलने से एक साल तक आप इसमें से पैसा नहीं निकाल सकते।
    एक से तीन साल के बीच पैसा निकालते हैं तो जमा का 2% काटकर वापस मिलेगा।
    अकाउंट खुलने के 3 साल बाद मैच्योरिटी के पहले कभी भी पैसा निकालते हैं तो जमा रकम का 1% काटकर वापस मिलेगा
    किसी खास मौके पर इस स्कीम में जमा पैसे को मैच्योरिटी से पहले भी निकाल सकते हैं।
  2. इस अकाउंट को आप एक से दूसरे पोस्ट ऑफिस में शिफ्ट करवा सकते हैं।
    मैच्योयरिटी के 5 साल पूरे हो जाने के बाद आप रकम को दोबारा निवेश कर सकते हैं।
    इसमें नॉमिनी नियुक्त किया जा सकता है, ताकि अनहोनी पर नॉमिनी को राशि मिल सके।
    MIS योजना में टीडीएस नहीं कटता, लेकिन ब्याज पर टैक्स देना होता है।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है