×

रक्त शुद्धि भी है …जरूरी जाने क्या हैं उपाय 

रक्त शुद्धि भी है …जरूरी जाने क्या हैं उपाय 

- Advertisement -

हमारे शरीर को स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक है कि हमारा खून साफ रहे और उसमें किसी भी तरह की अशुद्धि न हो। प्राकृतिक रूप से हमारे ही आसपास पाए जाने वाले पेड़ पौधे तथा अन्य वस्तुएं इसमें हमारी सहायक हो सकती हैं। स्वस्थ और सुन्दर शरीर की कामना रखने वालों को अपने रक्त की शुद्धि पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खून को साफ़ करने के लिए कई सारे घरेलु तरीके और उपाय हैं, जिन्हें आजमा कर आप अपना खून साफ बना सकते हैं।
  • शहद खून का उत्पादन, धमनी की दीवारों की सुरक्षा, रक्त के बहाव में सुधार और रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है। शहद एंटी-बैक्टीरियल भी है, इसलिए यह संक्रमण को रोकने का एक बढ़िया तरीका होता है।
  • नीम में एंटीसेप्टिक और एंटी-वायरल गुण हैं, जो खून की सफाई के लिए महत्वपूर्ण हैं। नीम खून के थक्के कम करने में भी मदद करता है। यह त्वचा की बीमारियों, शरीर के अल्सर, गठिया और दन्त-रोगों का इलाज करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
  • आंवला लोहे के एकीकरण से रक्त की गुणवत्ता में सुधार करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को साफ़ करता है। आंवला हृदय रोग में भी लाभदायक है, क्योंकि यह खून का पोषण करता है और रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। यह लिवर और पैंक्रियास के कार्य को बेहतर बनाता है और आंवले के अलावा इस पौधे की पत्तियां, बीज, छाल और जड़ों के कई अन्य गुण भी होते हैं। आंवला पेट के रोग खत्म कर देता है।


  • लहसुन प्राकृतिक रूप से रक्त की सफाई करता है, जिससे कई समस्याओं जैसे, जैसे कि सर्दी, खांसी, गले में खराश, पाचन समस्याओं, श्वसन संक्रमण, सौंदर्य और त्वचा से संबंधित समस्याओं जैसे मुंहासे, फफूंद संक्रमण और एक्जिमा आदि का इलाज किया जा सकता है। इसमें फाइटोकेमिकल्स शामिल होते हैं, जो लिवर विषाक्तता में बहुत सहायक हैं। लहसुन रक्त से वसा हटाता है, और रक्तचाप को सामान्य करता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम करता है। 
  • करेले में खून को साफ़ करने के गुण होते हैं। यह कैंसर, बवासीर, मधुमेह, वजन घटाने, उच्च कोलेस्ट्रॉल, त्वचा रोग आदि को कम कर देता है। इससे आपकी प्रतिरक्षा शक्ति में सुधार होता है, और यह रक्त को शुद्ध करके त्वचा के संक्रमण, एक्जिमा को ठीक करता है। करेले के रस को फोड़ा और खुजली, सेप्टेक्सीमिया के कारण जलन का इलाज करने के लिए भी पिया जाता है।
  • तुलसी में शरीर से हानिकारक विष सामग्रियों को निकालने के लिए आपके रक्त को शुद्ध करने की बहुत अच्छी शक्ति है। तुलसी मलेरिया, पीलिया, ठंड और खांसी, अम्लता, हेपेटाइटिस, बुखार, एक्जिमा, दाद, मधुमेह और फंगल संक्रमणों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। यह शरीर में रक्त के प्रवाह को सामान्य बनाती है। तुलसी को नियमित खाने से रक्त में सफ़ेद रक्त कोशिकाएं और आरबीसी बढ़ जाती है और यह रक्त के थक्के को भी हटा देती है।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है