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मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए नवरात्र में करें इन मंत्रों का जाप

मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए नवरात्र में करें इन मंत्रों का जाप

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इस वर्ष चैत्र नवरात्र 13 मार्च से शुरु होंगे और 22 अप्रैल तक रहेंगे। इन नौ दिनों में मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना शुभ रहता है। यूं तो साल में दो बार नवरात्र (Navratri) आते हैं, लेकिन दोनों ही नवरात्र का महत्व और पूजा विधि (Worship method) अलग है।


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  • घट स्थापना मुहूर्त : घट स्थापना के लिए देवी पुराण के अनुसार प्रातः काल का समय ही श्रेष्ठ बताया गया है इसलिए सुबह द्विस्वभाव लग्न में घट स्थापना करनी चाहिए।नवरात्र पर शक्ति के साधक मां जगदंबे की कठिन तप साधना-आराधना करते हैं। श्रद्धा और विश्वास के साथ इस पावन पर्व पर माता का पूजन करने से चारों पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति होती है। शक्ति की साधना के उन महामंत्रों के बारे में जानते हैं, जिन्हें भक्ति-भाव और नियमपूर्वक करने पर माता की कृपा अवश्य मिलती है।
  • परीक्षा में सफलताः विद्यार्थी वर्ग और जिन लोंगो कि जन्म कुंडली (Janam kundali) में गोचर में राहु अशुभ हों उनकी दशा, अंतर्दशा अथवा प्रत्यंतर दशा चल रही हो वै सभी ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः’ मंत्र पढ़ते हुए माता शक्ति कि पूजा अथवा जाप करें।
  • कर्ज की परेशानीः जीवन से कर्ज का मर्ज दूर करने के लिए नवरात्र पर शक्ति की विशेष साधना करना न भूलें। इस पावन पर्व पर ‘या देवि सर्व भूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।’ मंत्र का जप करें और इसी मंत्र से मां की पूजा करें। इन सबके अतिरिक्त यदि संभव हो तो कुंजिका स्तोत्र और देव्य अथर्वशीर्ष का पाठ भी करें। जिन्हें पूर्ण विधि-विधान आता है, वे भक्त अपने ही अनुसार मां की भक्ति करें। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई साधना से निश्चित रूप से मां लक्ष्मी की कृपा मिलेगी।
  • शीघ्र विवाह के लिएः जिन कुंवारी कन्याओं का विवाह (Marriage) प्रयासों के बावजूद न हो पा रहा हो, माता-पिता वर तलाशते हुए परेशान हो गए हों, वे इस पावन पर्व पर ‘ॐ कात्यायनी महामाये महायोगिन्य धीश्वरी, नन्द गोप सुतं देवी पतिं मे कुरु ते नमः।’ मंत्र से जप एवं माता का पूजन करें। माता की कृपा से यथाशीघ्र ही उन्हें जीवनसाथी मिल जाएगा।
  • कलह-क्लेश को दूर करने के लिएः जिन जीवात्माओं के घर में कलह के चलते घर की ईंट से ईंट टकराती हो, उन्हें – ‘या देवि! सर्व भूतेषु शान्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।’ मंत्र का जप और पूजन करना चाहिए। जगत जननी जगदंबा का यह उपाय आपके घर-परिवार कि अशांति दूर करेगा।
  • मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिएः जिन लड़कों का विवाह तमाम प्रयासों के बाद भी न हो रहा हो, या फिर शादी में अकसर अड़चन आ रही हो वे मनमुताबिक जीवनसाथी (Life partner) पाने के लिए इस दिव्य मंत्र – ‘पत्नी मनोरमां देहि, मनो वृत्तानु सारिणीम तारिणीम दुर्ग संसार सागरस्य कुलोद्भवाम।’ का जप और पूजन करें। माता की अवश्य कृपा होगी।

पंडित दयानन्द शास्त्री, उज्जैन (म.प्र.)(ज्योतिष-वास्तु सलाहकार) 09669290067, 09039390067

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