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Milk: उत्पादन बढ़ाने के लिए नई ब्रीड की गाय

Milk: उत्पादन बढ़ाने के लिए नई ब्रीड की गाय

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लोकिन्दर बेक्टा/ शिमला। प्रदेश में दूध का उत्पादन  बढ़ाने के लिए अब नई ब्रीड की गाय किसानों को मिलेगी। इस दिशा में सरकार ने कदम उठा दिए हैं। केंद्र की मदद से प्रदेश सरकार राज्य में अब साइवाल नस्ल की गाय का फार्म स्थापित करने जा रही है। इस फार्म में न केवल साइवाल नस्ल की गायों की संख्या को बढ़ाया जाएगा, बल्कि इसे जर्सी के साथ भी क्रास किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस कार्य के लिए एक करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट स्वीकृत किया है।

साइवाल नस्ल की गाय का फार्म पालमपुर में होगा स्थापित

कांगड़ा जिले के पालमपुर में पशुपालन विभाग के फार्म में साइवाल नस्ल के नए प्रोजेक्ट पर कार्य होगा। पालमपुर में वेटरनरी कॉलेज भी है और cowयहां पर पशुपालन विभाग का बड़ा फार्म है। राज्य में किसानों की आय बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी के मकसद से इस प्रोजेक्ट पर कार्य होगा। साइवाल नस्ल की गायों के किसानों की मिलने पर दूध के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और इससे उनकी आय भी बढे़गी। पशुपालन विभाग ने साइवाल नस्ल की बढ़िया गाय और बैल लाने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम बना ली है और जल्द ही यह टीम उन प्रांतों में जाएगी, जहां इसकी उत्तम किस्म की नस्लें हैं।

साइवाल नस्ल को राज्य में व्यापक स्तर पर फैलाया जाएगा

प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि साइवाल नस्ल को राज्य में व्यापक स्तर पर Herd ow cows grazing on a grass fieldफैलाया जाए और इसका नाम उत्तराखंड के कलसी फार्म की तरह हो। उत्तराखंड का कलसी फार्म देश में रैड सिंधी किस्म की नस्ल के लिए मशहूर है और वहां इस किस्म की बेहतरीन गाय हैं। इसी लाइन पर हिमाचल सरकार काम करना चाहती है और साइवाल की शुद्ध नस्ल के साथ-साथ इसे जरसी के साथ क्रास भी करना चाहती है। इन कार्यों में सफलता पाने के बाद सरकार किसानों को गाय उपलब्ध करवाएगी और पशुपालन औषधालयों में इसके सीसन भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। पालमपुर फार्म में कृषि विभाग का सीमन बैंक भी है और वहां इसका विस्तार किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने राज्य के लिए प्रोजेक्ट स्वीकार कियाः अनिल

पशुपालन मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य के लिए साइवाल नस्ल का प्रोजेक्ट स्वीकार किया है और इसे विभाग के पालमपुर ????????????????????????????????????फार्म में जल्द से जल्द स्थापित किया जाएगा। उनका कहना था कि राज्य में किसानों के पास जरसी, होल्सटिन नस्लों की अधिक गाय हैं। इसके अलावा कुछ रैड सिंधी और साइवाल नस्ल की भी कुछ गाए हैं। लेकिन अब सरकार साइवाल किस्म की गाय को बढ़े पैमाने पर राज्य में किसानों को उपलब्ध करवाने पर कार्य कर रही है।

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