Covid-19 Update

37,497
मामले (हिमाचल)
28,993
मरीज ठीक हुए
589
मौत
9,309,871
मामले (भारत)
61436,257
मामले (दुनिया)

जोनल अस्पताल मंडी में कई दशकों से नर्सों के पद न बढ़ने से चरमरा रही सेवाएं

जोनल अस्पताल मंडी में कई दशकों से नर्सों के पद न बढ़ने से चरमरा रही सेवाएं

- Advertisement -

मंडी। सीएम जयराम ( CM Jai Ram) के गृह जिला का सबसे बड़ा अस्पताल (Hospital)नर्सों की कमी से जूझ रहा है। जोनल अस्पताल मंडी( Zonal hospital mandi) में स्वीकृत पदों के अनुसार केवल दो ही पद खाली हैं। बावजूद इसके नर्सों की भारी कमी है। नर्सों (  ( Nurses)की कमी के चलते  स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने लग गई हैं। आलम यह है कि अस्पताल के नौ सेक्शन चलाने के लिए अस्पताल प्रबंधन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। जोनल अस्पताल मंडी में कई दशकों से नर्सों के स्वीकृत पद 43 हैं। जबकि आबादी पहले के मुकाबले कई गुणा बढ़ चुकी है। ऐसे में जोनल अस्पताल मंडी में रोगियों का दबाव भी बढ़ा है, लेकिन स्वीकृत पदों में कोई बढ़ोतरी नहीं हो पाई है। जिस कारण अब दिक्कतें पेश आना शुरू हो गई हैं।

यह भी पढ़ें :- हिमाचल में Snowfall के बाद साफ हुआ मौसम पर मुसीबतें नहीं हुई कम, अभी भी 1034 सड़कें बंद


वर्तमान में जोनल अस्पताल मंडी में करीब साठ नर्सों की जरूरत है। जिलाभर में परिवार नियोजन शिविर समेत अन्य कैंप होने पर जोनल अस्पताल मंडी से नर्सें भेजी जाती हैं। ऐसे में अस्पताल में नर्सों की और कमी हो जाती है। इसके अलावा रोटेशन के अनुसार कुछ नर्सों साप्ताहिक अवकाश पर भी होती हैं। वर्तमान में जोनल अस्पताल मंडी में रोजाना ओपीडी एक हजार से अधिक रहती है। जबकि आईपीडी का दवाब भी अधिक रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जिला मुख्यालय स्थित जोनल अस्पताल में सभी प्रकार की सेवाएं सुचारू रखी जाएं ताकि किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डॉक्टर जीवानंद चौहान ने बताया कि वर्तमान में चार पद नर्सों के खाली चल रहे थे। जिनमें से दो पदों पर नर्सों के आर्डर हो गए हैं। जबकि दो पद खाली हैं। उन्होंने माना कि नर्सों के स्वीकृत 43 पद अब आबादी के अनुसार कम आंके जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जोनल अस्पताल मंडी में नर्सों के पद बढ़ाने के लिए पत्राचार उच्चाधिकारियों से किया गया है।बता दें कि जोनल अस्पताल मंडी में जिलाभर से उपचार के लिए रोगी पहुंचते हैं। ऐसे में यहां ओपीडी व आईपीडी दोनों ही अधिक रहती है। स्वीकृत पदों ंके अनुसार नर्सें होने के बावजूद रोगियों की बढ़ती संख्या के अनुसार सेवाएं मुहैया करवाना अब अस्पताल प्रबंधन के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

हिमाचल अभी अभी Mobile App का नया वर्जन अपडेट करने के लिए इस link पर Click करें

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Top : News

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष


HP : Board


सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है