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हाटी को तोहफाः चुनावों से पहले गिरिपार को मिल सकता है जनजातीय दर्जा

हाटी को तोहफाः चुनावों से पहले गिरिपार को मिल सकता है जनजातीय दर्जा

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Union Tribal Minister Jual Oram : नाहन। करीब 48 साल से जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की मांग कर रहे सिरमौर जिला के गिरिपार इलाके को जल्द जनजातीय क्षेत्र का दर्जा मिल सकता है। इस बात के संकेत हरिपुरधार मेले के समापन समारोह में पहुंचे केंद्रीय जनजातीय मंत्री जुवेल ओराम ने दिए है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा दिलाया जाएगा।

मां भंगायनी मेले में हजारों लोगों का उमड़ा जनसैलाब 

हरिपुरधार में शुक्रवार को मां भंगायनी मेले के समापन कार्यक्रम में हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ा। मेले के समापन कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय जनजातीय मंत्री जुवेल ओराम का क्षेत्र के लोगों ने अपने पारपंरिक अंदाज में ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। इस दौरान शिमला संसदीय क्षेत्र के सासंद वीरेंद्र कश्यप, बीजेपी नेता चन्द्रमोहन ठाकुर, सुरेश कश्यप, बलदेव तोमर, बलबीर वर्मा सहित कई राजनीतिक हस्तियां यहां मौजूद रहीं। केंद्रीय मंत्री ने कहा की हाटी के जनजातीय क्षेत्र के मुद्दे को लेकर केंद्र पूरी तरह से गंभीर है, साथ ही उन्होंने आरोप लगाया की कांग्रेस ने पिछले 60 साल में इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया की वर्तमान हिमाचल सरकार इस मामले को लेकर सही से अपना पक्ष रखने ने नाकाम रही है।

सांसद वीरेंद्र कश्यप ने सरकार को घेरा

वहीं सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि कांग्रेस सरकार की नाकामियों का चलते अभी तक गिरिपार को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा की कांग्रेस ने कभी भी इस मुद्दे पर गंभीरता नही दिखाई। उधर, समापन कार्यक्रम के दौरान हाटी समुदाय के लोगों ने अपने चिर परिचित अंदाज में पारपंरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। खासकर भडालटू व ठोडा नृत्य ने खूब वाहावाही लूटी। वहीं पहाड़ी वेशभूषा में पहुंचे स्थानीय लोगों को भी देखते ही हाटी संस्कृति की झलक दिख रही थी। कुल मिलाकर केंद्रीय जनजातीय मंत्री जुवेल ओराम के इस दौरे से हाटी समुदाय के लोगों की उम्मीदों को एक बार फिर पंख लगे है और उम्मीद जगी है की जल्द दशकों से लंबित पड़ी मांग पूरी हो जाएगी

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