Covid-19 Update

2,01,049
मामले (हिमाचल)
1,95,289
मरीज ठीक हुए
3,445
मौत
30,067,305
मामले (भारत)
180,083,204
मामले (दुनिया)
×

अनदेखीः शहादत के बाद शहीद को भूल गई सरकार

अनदेखीः शहादत के बाद शहीद को भूल गई सरकार

- Advertisement -

पंडोह के जवान इंद्र सिंह का परिवार बदहाल, वादों पर नहीं हुआ कोई अमल

वी कुमार/मंडी। देश की रक्षा के लिए जवान ने अपने प्राण दे दिए, लेकिन शहादत के बाद सरकार ने जवान और उसके परिवार को भुला दिया। जी हां यहां बात हो रही है मंडी के शहीद इंद्र सिंह की। बीते 13 नवंबर को देश की खातिर अपने प्राणों की आहुति देने वाले इंद्र सिंह के परिवार को अभी तक कोई सरकारी मदद नहीं मिल पाई है। राज्य सरकार द्वारा शहीदों को दी जाने वाली राहत का भी अभी तक कोई ऐलान नहीं हो सका है, जिससे सरकार की बेरुखी का पता चल रहा है। बीते 13 नवंबर को मणिपुर में नकसलियों द्वारा बिछाए गए लैंड माइन्स पर विस्फोट के कारण पंडोह का रणबांकुरा देश की खातिर शहीद हो गया था। 35 वर्षीय इंद्र सिंह ने देश के खातिर अपने प्राणों का बलिदान तो दे दिया, लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार को इंद्र सिंह के इस बलिदान की कोई कद्र नहीं है। शहादत को 14 दिन बीत जाने के बाद भी शहीद के परिवार को किसी प्रकार की राहत का ऐलान नहीं हो सका है। जब पार्थिव शरीर घर पहुंचा था तो उस वक्त यूनिट की तरफ से 8 हजार कैश और एक लाख रुपए की राशि ज्वाइंट अकाउंट में डाली गई थी।

इसके अलावा राज्य व केंद्र सरकार की तरफ से शहीद के परिवार को और कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है। शहीद की पत्नी इंदु ने बताया कि प्रशासन की तरफ से घर पर आए प्रतिनिधियों ने आर्थिक सहायता की बात कही है, लेकिन अभी तक सहायता मिल नहीं पाई है। वहीं सरकार की तरफ से दी जाने वाली राहत या फिर नौकरी को लेकर कोई आश्वासन नहीं मिल पाया है। हैरत है कि जब देश में अधिक संख्या में जवान शहीद होते हैं तो सरकार उस वक्त माहौल शांत करवाने के लिए लाखों की राहत की घोषणाएं और अन्य सुविधाएं देने का ऐलान कर देती हैं। यहां तक कि कई बड़ी हस्तियां शहीदों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा या फिर अन्य सुविधाएं देने के लिए भी आगे आते हैं, लेकिन जब शहीदों की संख्या कम होती है तो फिर इसे भुलाने की कोशिशें होती हैं और कुछ ऐसा ही शहीद इंद्र सिंह के परिवार के साथ होता हुआ नजर आ रहा है। शहीद का परिवार इलाका वासियों की मांग पर शहीद के नाम पर पंडोह में गैस ऐजैंसी खोलने की मांग कर रहा है।


- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है