×

Unemployment Allowance: बाली के कही बातों के इर्द-गिर्द Anand खडे़

Unemployment Allowance: बाली के कही बातों के इर्द-गिर्द Anand खडे़

- Advertisement -

शिमला।  प्रदेश में बेरोजगारी भत्ते को लेकर कांग्रेस के भीतर राजनीति हर दिन करवट बदल रही है। कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में इसका जिक्र किया गया था, लेकिन सत्ता के चार वर्ष बीत जाने के बाद भी इस दिशा पर कोई प्रगति नहीं हुई है तो परिवहन मंत्री जीएस बाली और राज्यसभा सदस्य विप्लव ठाकुर द्वारा इस मुद्दे को उठाने और घोषणापत्र में किए गए हर वादे को पूरा करने की बात कहने के बाद से कांग्रेस की राजनीति तेज हो गई है। वहीं, आज पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा द्वारा इस मुद्दे पर यह कहना कि चुनावी घोषणा पत्र में किए गए कितने वादे पूरे हुए और कितने रह गए, उसकी पार्टी स्तर पर समीक्षा होगी, आने वाले दिनों में घमासान मच सकता है।  उनके इस कथन से लगता है कि वह भी कहीं न कहीं इस मुद्दे पर बाली और विप्लव के साथ खड़े हुए हैं।


  • आनंद ने चाहे बातों को घुमाया,पर इरादे भी जाहिर किए
  • प्रदेश की कांग्रेस की राजनीति में मच सकता है घमासान

हालांकि उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर कुछ भी नहीं कहा। लेकिन, उन्होंने चुनाव घोषणा पत्र कैसे जारी हुआ और उस दौरान कौन-कौन साथ था, समेत कई बातें कहीं। उनकी इन बातों को भी राजनीतिक विशेषज्ञ इसी नजरिए से देख रहे हैं कि जो बात बाली ने कही है कि सरकार को अपने चुनाव घोषणा पत्र में कही सभी बातों को पूरा करना चाहिए, उसके इर्द-गिर्द ही आनंद भी खड़े हैं। आनंद शर्मा ने कहा कि चुनाव घोषणापत्र में किए कितने वादे पूरे हुए हैं और कितने बचे हैं, उन्हें लेकर पार्टी बैठकर चर्चा करेगी। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि कहीं शंकाएं हों, सभी मामलों पर पार्टी चर्चा करेगी और चुनावी घोषणा पत्र को लागू करेगी।

याद रहे कि 2012 में कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि वह चुनावी घोषणापत्र को सरकारी दस्तावेज घोषित करेगी और उसमें किए गए सभी वादों को पूरा किया जाएगा। सरकार ने सत्ता में आने पर इसे अपना सरकारी दस्तावेज बनाया और उस पर कार्य करना शुरू कर दिया। लेकिन, उसमें किए गए बेरोजगारी भत्ता देने के वादे पर सरकार ने अब यू टर्न ले लिया है और इसी कारण कांग्रेस के कुछ नेता इस पर मुखर हुए हैं। उधर, कांग्रेस ने पंजाब और उत्तराखंड में भी बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का का वादा किया है। ऐसे में अब हिमाचल में इस मुद्दे पर राजनीति गरमाना स्वाभिक है। परिवहन मंत्री जीएस बाली विधानसभा चुनावों के लिए उत्तराखंड के पर्यवेक्षक थे और वहां इस मुद्दे पर राजनीति गरमाई थी और उसके बाद वे यहां चार्ज होकर लौटे हैं और आते ही उन्होंने इस मुद्वे पर एक बड़ा सम्मेलन 25 मार्च को नगरोटा बगवां में करने की घोषणा कर डाली है। उनका मानना है कि युवाओं से कांग्रेस ने जो वादा किया है, उसे लागू किया जाना चाहिए, लेकिन सीएम वीरभद्र सिंह ने इसे खारिज कर दिया और कहा था कि इसके स्थान पर सरकार कौशल विकास भत्ता दे रही है और इसके माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के भी मौके मिल रहे हैं।

सीएम ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। इसके साथ-साथ देश का कोई भी राज्य ऐसा नहीं है, जहां पर बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है।  कुल मिलाकर आने वाले दिनों में बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे पर कांग्रेसी राजनीति के और गरमाने की उम्मीद है, क्योंकि यह मुद्दा थमने वाला नहीं हैं और बाली के पिछले दिनों के रुख से भी लगता है कि वह इस मुद्दे पर अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। ऐसे में अब नजरें आने वाले दिनों की सियासी गतिविधियों पर केंद्रित होंगी।

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है