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Unemployment allowance: कांग्रेस की Committee को Virbhadra का ठेंगा

Unemployment allowance: कांग्रेस की Committee को Virbhadra का ठेंगा

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लोकिन्दर बेक्टा/ शिमला। वीरभद्र सरकार में परिवहन मंत्री जीएस बाली द्वारा चुनावी वर्ष में बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे को हवा देने के बाद पैदा हुई स्थिति से निपटने व इसे लागू करवाने के संबंध में सीएम वीरभद्र सिंह से मिलने गई प्रदेश कांग्रेस कमेटी को बैरंग लौटना पड़ा। इस मसले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई में गठित कमेटी के सदस्य आज सीएम वीरभद्र सिंह से चर्चा करने सचिवालय पहुंचे थे। बैठक में संगठन ने सरकार के समक्ष इस मुद्दे पर अपनी बात रखी और कैसे इसे लागू किया जा सकता है, उसे लेकर जरूरी सुझाव भी दिए।

  •  प्रदेश की आर्थिक स्थिति का हवाला देकर बैंरग लौटाई कमेटी
  •  वीरभद्र से मिलने सचिवालय पहुंची थी सुक्खू की अगुवाई में
  •  वीरभद्र ने अपनी बात दोहराते हुए स्पष्ट किया,संभव नहीं देना

सीएम वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस नेताओं के विचार सुने, उसके बाद इस मुद्दे पर अपने स्टैंड पर कायम रहते हुए केवल इतना ही कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में लगता है कि संगठन को इस मुद्दे पर अभी और पसीना बहाना पड़ेगा। बैठक में सुक्खू ने सोमवार को हुए पार्टी के जनरल हाउस में इस संबंध में हुई चर्चा से वीरभद्र सिंह को अवगत करवाया। सुक्खू ने सिंह को बताया कि बैठक में मौजूद तमाम पदाधिकारियों का मत था कि चुनाव घोषणा पत्र में जो-जो वादे किए गए हैं, उन्हें लागू किया जाना चाहिए। यदि ऐसा न करेंगे तो इससे जनता में गलत संदेश जाएगा। बताते हैं कि बैठक में कहा गया कि बेरोजगारी भत्ते को लेकर उन युवाओं की पहचान की जानी चाहिए, जिन्हें सही मायने में इसका लाभ मिलना चाहिए। लेकिन इसका सही आंकड़ा न तो सरकार के पास है और न ही संगठन के पास। बैठक में कहा गया कि ऐसे कितने युवा हैं, जो मेनीफेस्टो के मुताबिक भत्ते के दायरे में आते हैं। इसका आंकड़ा जुटाना होगा और उसके बाद ही यह पता लगेगा कि इस योजना पर कितना पैसा खर्च होगा। डेढ़ घंटे चली इस बैठक में बेरोजगारी भत्ते के हर पहलू पर बात की और उसके बाद सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति काफी खराब है। उन्होंने इसे लागू करने को लेकर कोई आश्वासन अभी तक पार्टी नेतृत्व को नहीं दिया। चर्चा के दौरान कहा गया कि यदि बेरोजगारी भत्ता दिया गया तो प्रदेश में विकास के लिए धन ही नहीं बचेगा। यही नहीं, प्रदेश के कर्मचारियों को वेतन तक देना संभव नहीं होगा। इसके बाद भी कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बेरोजगारी भत्ता देना चाहिए, क्योंकि पार्टी ने इसका वादा किया था। उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सीएम वीरभद्र सिंह के साथ बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे पर चर्चा हुई है। उन्होंने सीएम को कल पार्टी की बैठक में लिए गए निर्णय से अवगत करवाया है और बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा हुई है। सीएम ने उनकी बातों को सुना है। उन्होंने कहा कि बैठक में राज्य की खराब वित्तीय स्थिति है और उसे देखते हुए इस मुद्दे पर कैसे कार्य करना है, को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि राज्य में जब कांग्रेस सत्ता में आई थी तो 35 हजार करोड़ रुपए का कर्ज प्रदेश पर था। बीजेपी ने यह कर्ज छोड़ा था और इसके बाद भी प्रदेश में विकास के कई मील पत्थर कायम किए हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे पर वह दोबारा सीएम से मिलेंगे और इस संबंध में और चर्चा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर सीएम वीरभद्र सिंह ही अंतिम फैसला लेंगे। बैठक में सुक्खू के अलावा रंगीला राम राव, हरभजन सिंह भज्जी, नरेश चौहान, हर्ष वर्धन चौहान, कुलदीप सिंह पठानिया और प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह मौजूद थे।


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