- Advertisement -

हिमाचल में टूट रहा Unemployment का Record, जिलावार जानें Unemployment का हाल

Unemployment की दर में हर साल हो रहा 10 फीसदी का इजाफा

0

- Advertisement -

हिमाचल अभी अभी डेस्क। जनसंख्या घनत्व के हिसाब से हिमाचल एक छोटा राज्य है, लेकिन बावजूद इसके प्रदेश के लिए सबसे बड़ी चिंता भी वही उभर कर सामने आई है जो पूरे देश की है। Unemployment….। जी हां, एक खुशहाल प्रदेश की वो कड़वी सच्चाई जो आज पूरे देश की सबसे बड़ी समस्या है।

प्रदेश में Unemployment की समस्या जस की तस बनी हुई है। हिमाचल प्रदेश के लिए Unemployment एक बड़ी चिंता बनती जा रही है। देश की आबादी के कुल 0.57 प्रतिशत हिस्से वाले प्रदेश में 8,34,714 Unemployed हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा Unemployed ( 1,90,783 ) प्रदेश का सबसे बड़ा जिला कहे जाने वाले जिला कांगड़ा में, जबकि सबसे कम (4,681) लाहौल-स्पिति में। रोजगार कार्यालयों में तकरीबन 8.50 लाख पंजिकृत Unemployed युवा हैं और जो पंजिकृत नहीं, वो आंकड़ा अलग।

अधीनस्थ संस्था श्रम ब्यूरो द्वारा करवाए गए सर्वेक्षण के अनुसार हिमाचल प्रदेश में कुल 40.8 फीसदी युवा Unemployed हैं और ये वो युवा हैं जो स्नातक व उससे उच्च डिग्रियां लेकर नौकरी के इंतजार में हैं। साल दर साल Unemployment के आंकड़े में 10 फीसदी का इजाफा हो रहा है, जो कि अपने आप में चिंता के विषय है। सबसे ज्यादा Unemployed कांगडा जिला में है, दूसरे स्थान पर जिला मंडी है, जबकि सबसे कम Unemployed लाहौल-स्पीति में हैं।

आइए एक नजर दौड़ाते हैं प्रदेश में जिलावार Unemployed की संख्या पर:

प्रदेश में कुल Unemployed – 8,34,714

जिलावार Unemployed की संख्या :

  • कांगड़ा: 1,90,783
  • मंडी: 1,51,137
  • शिमला: 81,070
  • हमीरपुर: 66,994
  • ऊना: 62,755
  • सिरमौर: 58,350
  • चंबा: 56,453
  • सोलन: 53,677
  • बिलासपुर: 53,258
  • कुल्लू: 46,111
  • किन्नौर: 9, 445
  • लाहुल-स्पीति: 4,681

पूर्व की कांग्रेस सरकार ने 2012 चुनावों के दौरान अपने चुनावी घोषणापत्र में बेरोजगारी भत्ता दिए जाने की बात कही थी। जिसे मार्च 2017 में अमल में लाया गया और 20 से 35 साल के Unemployed युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने संबंधी पहल की गई। जिसमें सामान्य Unemployed को 1000 रुपए और विकलांग Unemployed को 1500 रुपए बेरोजगारी भत्ता प्रति माह किया गया, जिसका भुगतान मई-जून में कुछ युवाओं को किया गया।

एक नजर 2017 विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस व बीजेपी द्वारा किए गए वादों पर:

कांग्रेस का घोषणापत्र:

  • 5 साल में 1.5 लाख युवाओं को रोजगार
  • प्रदेश के संविदाकर्मियों को पक्की नौकरी
  • एससी छात्रों को उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति
  • 50 हजार मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप के साथ एक जीबी डेटा
  • मनरेगा मजदूरी को 210 से बढ़ाकर 350 रुपये किया जाना
  • राज्य के हर गांव को सड़क से जोड़ा जाना
  • छोटे किसानों को एक लाख रुपये तक बिना ब्याज के कर्ज दिया जाना
  • किसानों को कृषि उपकरणों, बीज और उर्वरक की खरीद पर सब्सिडी
  • राज्य के बुजुर्गों को पेंशन 1300 से बढ़ाकर 1500 रुपए
  • महिलाओं के लिए हर शहर में हॉस्टल और युवतियों को मुफ्त शिक्षा
  • विधवा महिलाओं को बेटियों की शादी पर एक लाख रुपये की सहायता

बीजेपी का विजन डॉक्यूमेंट/घोषणापत्र:

  • छात्रों के लिए लैपटॉप, टैबलेट, वाई-वाई और नौकरी संबंधी वार्षिक मेले
  • बीपीएल परिवारों के छात्रों को स्नातक स्तर तक निशुल्क शिक्षा
  • चोरी, नशे की रोकथाम के लिए मेजर सोमनाथ वाहिनी का गठन
  • सीएम कार्यालय में होशियार हेल्पलाइन
  • बीजेपी के विधायक सार्वजनिक रूप से करेंगे अपनी संपत्ति घोषित
  • पीने के साफ पानी, सड़क-निर्माण और आपातकालीन स्थितियों के लिए हेलि-ऐंबुलेंस
  • गुड़िया योजना के तहत महिला पुलिस थाने और हेल्पलाइन
  • साल 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करना और सब्सिडी को बढ़ाना
  • ग्रेड 3 और ग्रेड 4 की नौकरियों के लिए साक्षात्कार खत्म कर योग्यता के आधार पर नियुक्ति देना
  • किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लाया जाना
  • भूमि अधिग्रहित करने पर 4 गुना सरकारी मुआवजा
  • अपना घर योजना के तहत 2022 तक हर गरीब को घर देना
  • बागवानी विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा
  • ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए गांवों में होम-स्टे का खोला जाना

2017 में हुए विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी द्वारा जारी किए गए विजन डॉक्यूमेंट में सभी जिलों में वार्षिक रोजगार मेलों का आयोजन करवाने और प्रदेश में लगे उद्योगों में 80 फीसदी नौकरियां हिमाचल के मूल निवासियों को दिए जाने संबंधी बात कही गई। जबकि 2017 के विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस द्वारा जारी किए घोषणापत्र में 1.5 लाख युवाओं को रोजगार और मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देने की बात कही गई थी।

हालांकि प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने के बाद पेश किए गए पहले बजट में Unemployment दूर करने के लिए कई अहम कदम उठाने सहित युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम उपलब्ध करवाने हेतु चर्चा जरूर की गई। लेकिन इंतजार है तो इस बात का कि क्या चुनावों के दौरान किए गए लोकलुभावन वादे और प्रदेश के युवाओं को Unemployment से निजात दिलाने के लिए सरकार कोई सार्थक व कारगर कदम उठा पाएगी या फिर चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादे महज घोषणाएं बन कर रह जाएंगे।

- Advertisement -

Leave A Reply