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भारत में एक गांव ऐसा जहां पैदा होते ही मार दिए जाते गोरे बच्चे

भारत में एक गांव ऐसा जहां पैदा होते ही मार दिए जाते गोरे  बच्चे

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परंपरा के अनुसार सिर्फ काले बच्चे को दी जाती है तरजीह

  • जारवा जनजाति के लोग अपने ही बच्चों को मौत के घाट उतार रहे है

unique tradition : भारत देश में कई राज छिपे हुए हैं। ऐसा एक राज हम आज आपको बताने जा रहे हैं, जिसे आप सुनकर भी हैरान रह जाएंगे। जब भी घर में कोई बच्चा पैदा होता है तो हर कोई खुशियां मनाता है। लेकिन भारत में ये एक ऐसी जगह है जहां बच्चो पैदा होने पर उसे मौत मिलती है। परंपराओं से भरे हमारे देश में कई ऐसी जगह हैं जहां से अनोखी परंपरा जुड़ी हुई है। आज हम आपको ऐसे ही एक अनोखी, अचरज भरी परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं। आदिवासियों के बीच कई अजीबोगरीब प्रथाएं प्रचलित हैं। लेकिन केंद्र शासित प्रदेश अंडमान में परंपरा के नाम पर जारवा जनजाति के लोग अपने ही बच्चों को मौत के घाट उतार रहे है। जब भी किसी घर में बच्चे की किलकारी गुंजती है तो पूरा परिवार खुशियां मनाता है और घर खुशी से भर जाता है।

OMG @ भाई-बहन कर रहे एक दूसरे को डेट

पीते हैं जानवरों का खून..
आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि यहां के लोग काला बच्चा पैदा करने के लिए जानवरों का खून पीते हैं। मान्यता है कि अगर गर्भवती महिला को खूल पिलाया जाए तो बच्चे का रंग गहरा हो जाता है और बच्चा काला पैदा होता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस समुदाय की आबादी करीब 400 है। ये ट्राइब्स अंडमान आइलैंड के नॉर्थ इलाके में रहती है। माना जाता है कि जारवा जनजाति 55 हजार साल से यहां रहती है, लेकिन 1990 में पहली बार बाहरी दुनिया के संपर्क में आई थी।
बच्चे का रंग नहीं होना चाहिए सफेद
यहां जन्म लेने वाला कोई भी अगर सफेद रंग का पैदा होता है तो उसे मार दिया जाता है, जबकि काले बच्चे को अपना लिया जाता है। क्योंकि वो उन्हें दूसरे समुदाय का लगता है। तो वहीं इस मामले को लेकर पुलिस भी दुविधा में हैं कि इस शिकायत पर कोई एक्शन लिया जाए या नहीं या फिर इस परंपरा को ऐसी रहने दिया जाए। पिछले वर्ष नवंबर में एक बच्चे की हत्या के बाद एक आई विटनेसेस ने पुलिस को इसक बारे में जानकारी दी थी। लेकिन अपनी जाति के शख्स पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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