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राहत या आफतः बारिश के साथ मायूस हुए बागवान

राहत या आफतः बारिश के साथ मायूस हुए बागवान

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Unseasonal rain : मंडी। भले ही तपती गर्मी में बारिश की फुहारों से हर कोई खुश था, लेकिन मंडी जिला में कुछ ऐसे भी लोग थे, जो बारिश के साथ-साथ इंद्रदेव को याद कर रहे थे। बहरहाल, बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने बागवानों को जरूर मायूस किया। उधर, आसमान से बरस रही आग पर फुहारों ने मरहम का काम किया है। बुधवार दोपहर बाद मंडी में बारिश होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।


मंडी में करीब डेढ़ घंटे तक झमाझम बरसे मेघ

करीब डेढ़ घंटे तक मंडी शहर सहित आसपास के इलाकों में जोरदार बारिश हुई, जिसके बाद तापमान में एकाएक गिरावट आ गई। बहरहाल, लोग जहां जेठ महीने की तपती गर्मी से जूझ रहे थे, वहां उन्हें जुलाई महीने में बरसात के दौरान होने वाली बारिश की ठंडक का एहसास होने लग गाया। जोरदार बारिश का लोगों ने पूरा आनंद लिया। मंडी शहर में बारिश का आलम यह रहा कि सड़कें तक सुनसान हो गईलोग एक ही जगह दुबक कर खड़े हो गए और बारिश रुकने का इंतजार करने लगे। भारी बारिश के बाद शहर की सड़कों पर पानी भर गया। बताया जा रहा है कि नालियों में फैली गदंगी के बाद पानी ओवरफ्लो होने लगा। एक तरफ जहां इस बारिश ने तपती गर्मी से निजात दिलाई, वहीं दूसरी तरफ यह बारिश किसानों के लिए राहत और बागवानों के लिए आफत भी बनी। बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि भी हुई। बता दें कि इन दिनों गेहूं की फसल को काटने के बाद खेत खाली हुए हैं और अगली फसल की बिजाई के लिए बारिश का होना जरूरी है, लेकिन बागवानों के पौधों पर इस वक्त फ्लावरिंग हो रही है और ऐसे में बारिश या ओलावृष्टि का होना घातक हो सकता है।


खेतों में तबाह हो रही गेहूं की फसल

गोहर। प्रदेश में हो रही बारिश ने जहां लोगों को भारी गर्मी से निजात दिलाई है, वहीं किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। बुधवार सुबह से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने यहां के किसानों की नींद हराम कर दी है। उल्लेखनीय है कि आजकल गोहर और चैलचौक के इलाकों में गेहूं की थ्रेशिंग का कार्य जोरों पर है, लेकिन मौसम की बेरुखी के चलते यहां के किसान चिंतित है। वहीं साथ लगते मोवीसेरी, तरौर एवं आसपास के क्षेत्रों में मक्की की बिजाई का कार्य भी युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। जहां एक ओर मक्की की खेती के लिए बारिश वरदान साबित हुई है, वहीं गेहूं की फसल के लिए किसान चिंतित हैं। गोहर के किसान मक्की के साथ.साथ अन्य नकदी फसलों की बुआई भी करते हैं। जैसे टमाटर, बीन, धनिया, भिंडी की पैदावार से यहां के किसान करोड़ों रुपए की आमदनी करते हैं। मक्की की बंपर पैदावार के लिए जिला मंडी का मोवीसेरी क्षेत्र एक अलग पहचान से जाना जाता है।

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