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The Dalai Lama @ चीन को हमेशा दोस्त ही समझा

The Dalai Lama @ चीन को हमेशा दोस्त ही समझा

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बोले, तिब्बत मुद्दे का समाधान दोनों पक्षों के हित में

Dalai Lama : धर्मशाला। तिब्बतियों ने चीन को कभी भी दुश्मन की नजर से नहीं देखा बल्कि हमेशा एक दोस्त ही समझा है। तिब्बत के मुद्दे का समाधान दोनों ही पक्षों के हित में रहेगा और चीन व तिब्बत को इसका पारस्परिक लाभ भी मिलेगा। यह शब्द सर्वोच्च तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने निर्वासित तिब्बती सरकार द्वारा अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के सम्मान समारोह में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहे।

दलाईलामा ने कहा कि चीन को तिब्बत में मानवाधिकारों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम लोग यहां पर चीन के विरोध में एकत्रित नहीं हुए हैं बल्कि सिर्फ मानवाधिकार और न्याय की बात कर रहे हैं। यहां किसी का विरोध नहीं हो रहा और न ही किसी की निंदा की जा रही है। आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि अब चीन के लोग भी इस बात को समझने लगे हैं और तिब्बत की स्वायत्तता का समर्थन करने लगे हैं। शांति के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता दलाईलामा ने कहा कि आक्रामकता, हिंसा और हथियार दुनिया के सामने आने वाली मानव निर्मित समस्याओं को हल नहीं कर सकते।


इतिहास उदाहरणों से भरा है, जब लोग हिंसा का उपयोग कर समस्याओं को हल करना चाहते थे लेकिन वह समस्याओं अभी भी बनी हुई हैं और भविष्य में भी रहेंगी। उन्होंने कहा कि तिब्बत की समस्या का समाधान पूरी मानवता के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

Dalai Lama: चीन तक पहुंचेगा दलाईलामा का शांति का प्रकाश

इस दौरान अपने संबोधन में, यूएस हाउस डेमोक्रेटिक लीडर नेन्सी पेलोसी ने आशा व्यक्त की कि एक दिन चीन दलाईलामा द्वारा प्रोत्साहित शांति, करुणा और प्रेम के मूल्यों के महत्व को महसूस करेगा। उनका कहना था कि मुझे उम्मीद है कि महामहिम द्वारा फैलाया जा रहा शांति का यह प्रकाश चीन तक पहुंच जाएगा और उन्हें प्रकाशमय करेगा। अपनी 2015 की चीन यात्रा को याद करते हुए पेलोसी ने कहा कि चीन दमन और हिंसा के माध्यम से तिब्बती दिमागों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। चीन द्वारा तिब्बतियों पर किये जा रहे अत्याचार दुनिया के लिए एक चुनोती हैं ओर उम्मीद है कि हम सफलतापूर्वक इस चुनौती को पूरा करेंगे। अपने लचीलेपन के लिए तिब्बतियों की सराहना करते हुए, पेलोसी ने कहा कि तिब्बती लोग दुनिया के लोगों के लिए प्रेरणा थे क्योंकि वे स्वतंत्रता की आशा और प्रगति का प्रतीक है।

अमेरिका खड़ा है तिब्बती समुदाय के साथ

रिपब्लिकन प्रतिनिधि जिम सेंसेनब्रेनर ने कहा कि तिब्बती लोगों, उनके धर्म और दलाई लामा के लिए चीनी शासन के तहत न्याय नहीं था। तिब्बती लोगों के साथ अमेरिका खड़ा है।

तिब्बत की सड़कों पर चलेंगे दलाई लामा

इससे पहले अपने स्वागत भाषण में निर्वासित तिब्बती सरकार के पीएम डॉ लोबसांग सांगये ने कहा कि चीनी उत्पीड़न तिब्बती भावना को दबा नहीं सकते हैं। बौद्ध धर्म 5000 साल पुराना है जबकि साम्यवाद केवल 100 साल पुराना है, कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। तिब्बती नेता ने कहा है कि साम्यवाद के बाद तिब्बती बौद्ध धर्म एक और 2000 सालों तक चलेगा। उन्होंने कहा कि इतिहास हमेशा न्याय के प्रति झुका है। सांग्ये ने कहा कि नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका की सड़कों पर चल सकते हैं, सान सू ची म्यामांर की सड़कों पर चल सकती है उसी तरह हमे आशा है कि पावन दलाई लामा तिब्बत की सड़कों पर चल सकेंगे।

गौरतलब है कि 8 सदस्यीय अमेरिकी प्रतिनधिमण्डल दो दिवसीय दौरे पर महामहिम दलाईलामा से भेंट करने के लिए मंगलवार को पहुंचा था। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने दलाईलामा ओर निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रतिनिधियों से तिब्बत की आजादी सहित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बुधवार को यह प्रतिनधिमंडल वापस अमेरिका के लिए रवाना हो गया।

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