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शाकाहारी बनें और स्वस्थ रहें

शाकाहारी बनें और स्वस्थ रहें

शाकाहार हमारे जीवन को स्वस्थ व दीर्घायु बनाता है। कहते हैं कि जो लोग शाकाहारी होते हैं वे कम बीमार पड़ते हैं और उन्हें गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है। शाकाहार का हमारे जीवन में क्या महत्व है इसे प्रमाणित करने के लिए ब्रिटेन में कुछ लोगों ने मिलकर 1847 में एक वेजेटेरियन सोसायटी की स्थापना की। फिर काफी लोगों ने यह तय किया कि अब वे मांसाहारी नहीं रहेंगे।

धीरे-धीरे इस मुहिम में काफी देश शामिल हो गए। सन 1994 से इस मुहिम के लिए 1 नवंबर का दिन घोषित कर दिया गया। पहले यह एक दिन का रहा, फिर एक हफ्ता और फिर इसे पूरा एक माह दे दिया गया। यह सोसायटी हर साल अपनी एक थीम चुनती है इस साल की थीम- पोषक तत्व है। गौरतलब है कि शाकाहारी भोजन जल्दी पच जाता है। सब्जियों में प्रोटीन, विटामिन और कितने ही एंटीऑक्सीडेंट, अमीनोएसिड आदि तत्व होते हैं जो कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी बचाने में सहायक होते हैं।

हमारे जीवन में हरा भरा वायुमंडल स्वच्छ व स्वास्थ्यवर्धक होता है। इसीलिए शाकाहार का भी महत्व है। शाकाहार हमारे जीवन को स्वस्थ व दीर्घायु बनाता है। जो शाकाहारी हैं वे शरीर से चुस्त होते हैं और कभी बीमार नहीं पड़ते। यदि शाकाहार अपनाया जाए तो दो महीनों में ही सामान्य रोगों से मुक्त हुआ जा सकता है क्योंकि शाकाहार से दो महीने में ही रक्तवाहिनियां साफ हो जाती हैं और हार्ट अटैक के खतरे भी कम हो जाते हैं।

साग सब्जियां और कितनी ही जड़ी बूटियां जो हम अपने आहार में शामिल करते हैं वे हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं। करेला शुगर लेवल तो घटाता ही है यह पीलिया में भी फायदा देता है। मेथी शरीर से कोलेस्ट्रोल को कम करती है और डायबिटीज के रोगियों को इससे आराम मिलता है। आंवला तो जाने कितने रोगों की दवा के रूप में सामने आया है। यह प्रति रोधक क्षमता बढ़ाता है तथा विटामिन सी का अक्षय भंडार है। खट्टे फल विटामिन के अच्छे स्रोत हैं। अनार से विटामिन सी व आयरन मिलता है तो सेब ब्लडकाउंट बढ़ाता है। पास पड़ोस में अगर पेड़-पौधे न हों तो वायु प्रदूषण बढ़ जाता है।

पोषण के उद्देश्य के लिए शाकाहार अपने आप में संपूर्ण है। सुनियोजित शाकाहारी भोजन सभी उम्र के लोगों के पोषण की आवश्यकताओं को पूरा करता है। इसमें वसा कम होती है और फाइबर तथा विटामिन भरपूर होते हैं। शाकाहारी आहार का खर्च बजट के अनुकूल होता है। यह साबित हो चुका है कि विभिन्न प्रकार के बीज व दूध आदि से बना संतुलित आहार आपके शरीर में कोई जहरीला तत्व नहीं पैदा करता। सोचिए जरा कि इस समय अमेरिका में लगभग डेढ़ करोड़ लोग शाकाहारी हो गए हैं तो जाहिर है कि वे शाकाहारी जीवन प्रणाली को बेहतर मानते हैं। ऐसे में हम क्यों नहीं इस बात को स्वीकार करना चाहते कि शाकाहार संपूर्ण आहार है।

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