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बाहरी राज्यों के वाहनों को मणिकर्ण- कसोल में प्रवेश पर देना होगा शुल्क, कितना यहां पढ़े

डीसी आशुतोष गर्ग ने आज इस संबंध में एक आदेश जारी किया

बाहरी राज्यों के वाहनों को मणिकर्ण- कसोल में प्रवेश पर देना होगा शुल्क, कितना यहां पढ़े

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कुल्लू। जिला के प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटन स्थल कसोल- मणिकर्ण ( Kasol – Manikarn)में ढांचागत सुविधाओं के सृजन के लिए कसोल में प्रवेश करने वाले वाहनों से साडा विकास शुल्क लिया जाएगा। डीसी एवं साड्डा मणिकर्ण के अध्यक्ष आशुतोष गर्ग ने आज इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार साडा विकास शुल्क हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत वाहनों पर नहीं लगेगा। गर्ग ने यह आदेश साडा क्षेत्र मणिकर्ण के सदस्यों द्वारा पारित प्रस्ताव, इसी प्रकार के मामले में उच्च न्यायालय के एक आदेश तथा टीसीपी अधिनियम ( TCP Act) के तहत बतौर साडा अध्यक्ष शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं।आदेश के अनुसार हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत वाहनों के अलावा बाहरी प्रदेशों से आने वाले वाहनों पर साडा विकास शुल्क की दरें निश्चित की गई हैं। दो पहिया वाहन का प्रवेश शुल्क ₹50,कार के लिए ₹100, एस यूवी व एमयू वी वाहनों के लिए शुल्क ₹300 जबकि सभी प्रकार की बसों व ट्रकों के लिए यह शुल्क ₹500 होगा।

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आदेश के अनुसार जिला का मणिकर्ण-कसोल धार्मिक व पर्यटन की दृष्टि से एक सुप्रसिद्ध स्थल है। इस स्थल के पर्यावरण को संरक्षित करने, मूलभूत सुविधाओं का सृजन करने तथा अन्य विकास के कार्यों को करने के लिए निधि की आवश्यकता है। साडा की गत दिनों कुल्लू में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि साडा क्षेत्र को सभी प्रकार से विकसित करने और इसके सौंदर्य को बनाए रखने के लिए धनराशि का सृजन करना नितांत आवश्यक है। सभी सदस्यों ने इस बात पर सहमति जताते हुए प्रस्ताव पारित किया कि मनाली की तर्ज पर कसोल- मणिकर्ण में वाहनों के प्रवेश पर साडा विकास शुल्क लिया जाए।आदेश में कहा गया है कि मणिकर्ण व कसोल की ऐतिहासिक व धार्मिक महता को ध्यान में रखते हुए इन क्षेत्रों को विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने दोनों ग्राम पंचायतों को साड्डा के अंतर्गत शामिल किया है। दोनों ही ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में देश- विदेश से साल भर बड़ी संख्या में श्रद्धालु व सैलानी आते हैं। इन क्षेत्रों के पर्यटन को ध्यान में रखते हुए सैलानियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का सृजन करना तथा पारिस्थितिकी का संरक्षण करना जरूरी है। इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कसोल व मणिकर्ण में साडा विकास शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं और बैरियर आज से स्थापित कर दिया गया है।

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