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शिकंजा : Vigilance के जाल में फंसे 35 Government employee

शिकंजा : Vigilance के जाल में फंसे 35 Government employee

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धर्मशाला। चंद रुपए की खातिर अपना ईमान बेचने वाले सरकारी कर्मचारियों की कमी नहीं है यही कारण है कि विजिलेंस विभाग के हत्थे पिछले तीन वर्षों में लगभग 35 सरकारी कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी के मामले दर्ज किए गए हैं।विजिलेंस विभाग की चुस्त कार्यशैली के कारण जाल बिछाकर पकड़े गए। इन सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी के केस चले हैं। इस फेहरिस्त में सबसे अधिक पटवारी शामिल हैं जो मात्र 600 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक घूस लेते पकड़े गए।


  • उत्तरी रेंज में दर्ज हुए प्रदेशभर में सबसे अधिक मामले
  • छोटे कर्मचारी से बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई

पटवारियों के अलावा जूनियर अस्सिटेंट से लेकर एचआरटीसी के इंस्पेक्टर, पुलिस के एएसआई और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन तक घूसखोरी के आरोप में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। विजिलेंस उत्तरी जोन धर्मशाला में पिछले तीन वर्षों में 21 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि इस वर्ष अभी तक दो ताजे मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें एक जेई और एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

गत तीन वर्षों में इसी जोन के तहत आते ऊना क्षेत्र में 8 मामले दर्ज किए हैं, जबकि चंबा क्षेत्र में 4 मामले रिश्वखोरी के दर्ज किए गए हैं। सिलसिलेवार बात करें तो कांगड़ा जोन में वर्ष 2013 में तीन मामले दर्ज किए गए, जिसमें एक पटवारी को एक हजार रुपए, प्रधान को 5000 और एफसीआई के जूनियर अस्सिटेंट को 10000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। वर्ष 2014 में चार पटवारी, एक कानूनगो और एक पुलिस एएसआई को रिश्वत लेते हुए दबोचा। 2015 में दो पटवारी, दो एएसआई, एक ट्रांसलेटर और एक रीडर को पकड़ा गया। वहीं 2016 में चार मामलों पर विजिलेंस द्वारा कार्रवाई की गई। चंबा क्षेत्र में वर्ष 2013 में एक प्रधान और एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, वहीं 2015 में एक पटवारी और 2016 में एक डाटा ऑपरेटर पर रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया गया। ऊना क्षेत्र में 2013 में एक पटवारी और आरटीओ कार्यालय में काम करने वाले एक क्लर्क को पकड़ा, वहीं 2014 में दो पटवारी, एक एक्सईएन और एक फॉरेस्ट गार्ड के खिलाफ घूस लेने का मामला दायर किया गया। 2015 में एक पटवारी और 2016 में एक एचआरटीसी के इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।

पटवारियों ने किया नाम खराब

रिश्वतखोरी की इस फेहरिस्त में पटवारियों ने खासा नाम खराब किया है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो विजिलेंस नार्थ जोन धर्मशाला ने इसके अधीन आते तीनों क्षेत्र कांगड़ा, चंबा और ऊना में बीते तीन वर्षों में 12 पटवारियों पर मामले दर्ज किए गए हैं।

धर्मशाला जोन में सबसे अधिक मामले दर्ज

बीते तीन वर्षों में विजिलेंस ने पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा मामले इसी जोन में दर्ज किए हैं। एसपी विजिलेंस बिमल गुप्ता का कहना है कि इस जोन में दर्ज किए गए मामले अधिक हैं और इनमें इजाफा हो रहा है। जनता विजिलेंस पर विश्वास कर रही है और इसी के चलते रिश्वतखोरों को पकड़वाने में लोगों की सहभागिता भी बढ़ी है।

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