सेंट्रल यूनिवर्सिटी की चिन्हित भूमि को एफआरए के तहत मिली मंजूरी का विरोध

पांच गांवों के ग्रामीणों ने एडीएम कांगड़ा के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेजा ज्ञापन

सेंट्रल यूनिवर्सिटी की चिन्हित भूमि को एफआरए के तहत मिली मंजूरी का विरोध

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धर्मशाला। सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए चिन्हित भूमि को वन अधिकार नियम (एफआरए) के तहत मिली मंजूरी के खिलाफ पांच गांव के लोग लामबंद हो गए हैं। डीएलसी द्वारा दी गई मंजूरी के खिलाफ पांच गांवों के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। कंड, करडियाणा, बगियाड़ा, टंग नरवाना व जूल की वन अधिकार समितियों ने किसान सभा के अध्यक्ष अक्षय जसरोटिया के नेतृत्व में धर्मशाला में रोष प्रदर्शन कर एडीएम कांगड़ा के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा है।
वन अधिकार समिति के सदस्यों का आरोप है कि उन्होंने एसडीएम धर्मशाला को दिसंबर माह में 39 व्यक्तिगत व 5 सामूहिक आवेदन पत्र वन अधिकार अधिनियम के तहत पेश किए हैं। 4 दिसंबर को धर्मशाला में आयोजित उपमंडलीय स्तर की वन अधिकार समिति (ग्रामीण) की बैठक में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के नार्थ कैंपस धर्मशाला के लिए प्रस्तावित भूमि की दावों की पुष्टि के लिए तहसीलदार धर्मशाला को प्रेषित कर आदेश दिए गए थे कि वह संबधित रेवन्यू विभाग से नियमानुसार निशानदेही करवाएं।
लेकिन, इस प्रक्रिया को नज़रअंदाज़ कर शनिवार को धर्मशाला में जिला स्तरीय डीएलसी की आयोजित बैठक में वन अधिकार अधिनियम के तहत तीन मामले जिनमें सेंट्रल यूनिवर्सिटी के नार्थ कैंपस धर्मशाला के लिए 7016 कनाल भूमि, नूरपुर स्थित आर्य डिग्री कॉलेज के लिए 45 कनाल, बैजनाथ के करोरी- किल्ही सड़क पर निर्मित होने वाले पुल के लिए 1.6 कनाल भूमि के प्रस्ताव रखे गए थे। सेंट्रल यूनिवर्सिटी के नार्थ कैंपस धर्मशाला के लिए किसी भी प्रकार के क्लेम या ऑब्जेक्शन न आने के कारण समिति ने इन्हें मंजूरी प्रदान कर दी थी।
बैठक में जिला परिषद् सदस्य अनीता देवी ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी की प्रस्तावित भूमि पर 39 व्यक्तिगत व 5 सामूहिक दावों  न होने की बात रखी थी, लेकिन बैठक की अध्यक्षता कर रहे एडीसी जिला काaगड़ा ने उनके दावों को नज़रअंदाज कर इन्हें पारित कर दिया। सोमवार को किसान सभा के अध्यक्ष अक्षय जसरोटिया ने कहा कि लोगों ने 7016 कनाल वन भूमि पर वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत अपने सामूहिक व व्यक्तिगत दावे पेश किए हैं। जसरोटिया का कहना है कि स्थानीय लोगों के साथ अन्याय हो रहा है।

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