Covid-19 Update

40,518
मामले (हिमाचल)
31,548
मरीज ठीक हुए
636
मौत
9,457,551
मामले (भारत)
63,286,254
मामले (दुनिया)

छोटे भाई को मरता देख बहन ने लिया ये बड़ा फैसला, जान लगाई दांव पर

छोटे भाई को मरता देख बहन ने लिया ये बड़ा फैसला, जान लगाई दांव पर

- Advertisement -

भोपाल। हमारे देश में अक्‍सर बहन-भाई के रिश्‍ते की बात आते ही रक्षा बंधन के त्‍योहार की बात होती है, जिसमें बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर भाई के प्रति स्‍नेह को प्रदर्शित करती हैं और भाई उनकी सुरक्षा का वचन देते हैं। इसी बीच एक ऐसी खबर आई है, जिसमें एक बड़ी बहन ने अपने से करीब 15 वर्ष छोटे भाई की जान बचाने के लिए अपना लीवर (Liver) उसे दे दिया और खुद को मौत साये में धकेल दिया। यह सच्‍ची घटना मध्‍यप्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) की है। भोपाल की आकृति ईको सिटी की निवासी जाह्नवी दुबे (41) को जब पता चला कि उसके मायके जबलपुर में उसके छोटे भाई (Younger Brother) जयेंद्र पाठक (26) का लिवर 90 फीसदी खराब (Damage) हो चुका है और अगर इसे बदला ना गया तो उसके भाई की मौत निश्‍चि‍त है। ऐसे में जब गंभीर हालत में जयेंद्र को अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया था तो डाक्‍टरों ने साफ कह दिया कि उसकी हालत गंभीर है और उसके बचने की संभावना बिल्‍कुल भी नहीं है।

यह भी पढ़ें- बिहार के बाद झारखंड में मॉब लिंचिंग : महिला सहित 4 लोगों को पीट-पीटकर मार डाला

यह सुनकर जाह्नवी ने निर्णय लिया कि जिस भाई को उसने अपने हाथों में खेलाया है, उसे इस तरह मरने नहीं देंगी। उसने अपने पति प्रवीण दुबे और बेटे प्राचीश को बताया कि वह अपने भाई को अपना लिवर दान करने वाली हैं। यह सोच कर वे दोनों घबरा गए, मगर उन्‍होंने जाह्नवी का भाई के प्रति प्रेम देख उसका साथ देने का निर्णय लिया। फि‍र क्‍या था वह अपने पति और 14 साल के बेटे के साथ जबलपुर पहुंची और फि‍र भाई की जान बचाने लिवर ट्रांसप्लांट के लिए एयर एंबुलेंस से भाई को लेकर दिल्‍ली (Delhi) चली गईं। वहां लिवर ट्रांसप्लांट से पहले डॉक्‍टरों ने बताया कि इस सर्जरी में जाह्नवी की जिंदगी को भी खतरा हो सकता है, इसलिए उसके पति की सहमति जरूरी थी। इसके बावजूद उसके पति और मां की संभावित मौत के भय से डरे हुए उसके बेटे प्राचीश ने जाह्नवी का साथ दिया और डॉक्‍टरों ने सफल ऑपरेशन करके जाह्नवी के भाई को को बचा लिया और ऑपरेशन की दिक्‍कतों के बावजूद जाहृवी अपने भाई की जान बचाकर खुश है। हालांकि अब पूरी जिंदगी उसे डॉक्‍टरी जांच के सहारे रहना पड़ेगा।

 

हिमाचल अभी अभी Mobile App का नया वर्जन अपडेट करने के लिए इस link पर Click करें ….

- Advertisement -

loading...
Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Top : News

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष


HP : Board


सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है