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फंसे सुक्खूः वीरभद्र भी जांच कराने को हैं तैयार

फंसे सुक्खूः वीरभद्र भी जांच कराने को हैं तैयार

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हमीरपुर/कसौली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू राजनीतिक चाल में फंसते नजर आ रहे हैं। नादौन में एक जमीनी विवाद में cmउनका नाम सामने आने पर यहां नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने बीजेपी की चार्जशीट में उनका नाम शामिल करने की बात कह डाली थी तो अब हमीरपुर पहुंचे सीएम वीरभद्र सिंह ने भी कह दिया है कि सरकार को जांच कराने कोई गुरेज नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि सत्यतता जांचने के बाद ही सरकार आगामी कार्रवाई के बारे में सोचेगी। वीरभद्र सिंह हमीरपुर में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेन्द्र जार के सपुत्र शौर्य की शादी समारोह में पहुंचे थे।

  • सत्यतता जांचने के  बाद ही सरकार आगामी कार्रवाई के बारे में सोचेगी
  • बीजेपी की परिवर्तन रैली को बताया मात्र चुनावी स्टंट

फोरलेन मुद्दे पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि आज यूपीए  सरकार सता में नहीं है और यह प्रोजेक्ट भारत सरकार का है, इसलिए कितना मुआवजा देना है उसे केंद्र सरकार ने सोचना है। वहीं, उन्होंने उन आरोपों को झूठा करार दिया, जिसमें कहा गया है कि प्रदेश सरकार मुआवजा नहीं देना चाहती है। सिंह ने बीजेपी द्वारा राष्टीय राजमार्ग की डीपीआर जल्द न बनाने के आरोपों पर कहा कि डीपीआर कोई बच्चों का खिलौना नहीं है, जिस तरह केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री ने घोषणा की है, उस तरह डीपीआर बनाने में तो तीन से  चार साल लग जाएंगे।

इससे पहले कसौली में सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि बीजेपी की परिवर्तन रैली करने से प्रदेश की राजनीति में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि ये मात्र चुनावी स्टंट है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि मंडी में पीएम नरेंद्र मोदी की जनसभा को बीजेपी अगर अपनी जीत से जोड़कर देख रही है तो ये उनकी भूल है। उनका कहना था कि प्रदेश में एक बार फिर कांग्रेस सत्ता में आएगी। परिवर्तन रैली मात्र दिखावा है इससे बीजेपी अपनी जीत सुनिश्चित नहीं कर सकती है। 

सुक्खू का दर्दः धूमल आरोप सिद्व करें मैं छोड़ दूंगा राजनीति

शिमला। जमीन के बेनामी सौदे के आरोपों में घिरे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल पर बड़ा पलटवार किया है। sukhu-and-dhumalउन्होंने धूमल को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि उन पर लगाए जमीन के बेनामी सौदों के आरोपों को सिद्ध करें। अगर धूमल ऐसा कर पाते हैं तो वह राजनीति छोड़ देंगे। अन्यथा आरोप झूठे निकलने पर धूमल राजनीति से संन्यास ले लें। उन्होंने कहा कि दस साल सीएम रहे व्यक्ति से इस तरह के कोरे झूठ की उम्मीद नहीं की जा सकती है। गलत आरोप लगाने से अच्छा होता कि धूमल बीजेपी के कार्यकर्ताओं को भेजकर नादौन से राजस्व रिकॉर्ड मंगवाते, साथ ही चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मौजूद उनके 2012 विधानसभा चुनाव के शपथ पत्र का अध्ययन करते। सुक्खू ने कहा है कि उनके पास सिर्फ ढाई सौ कनाल पुश्तैनी और खरीदी हुई जमीन है। इसके अलावा उनके पास कहीं कोई भूमि नहीं है। शपथ पत्र में जो डिटेल है, वह बिलकुल सत्य है। धूमल के पास कहीं भी उनकी बेनामी संपत्ति होने के सबूत हैं तो वह न्यायिक क्या, सीबीआईए ईडी और अन्य किसी भी एजेंसी से जांच कराने के लिए स्वतंत्र हैं। सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने धूमल से कुछ सवाल भी पूछे हैं। सुक्खू के अनुसार जब सारी संपत्ति सार्वजनिक है और जमीन राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज है, तो वह बेनामी कैसे हुई। धूमल बताएं कि क्या खरीदी हुई जमीन को बेनामी संपत्ति कहते हैं। झूठे आरोप लगाकर उनकी स्वच्छ राजनीतिक छवि को खराब करने की कोशिश क्यों की जा रही है।

  •  कहा, सीएम रहे शख्स से नहीं थी ऐसे झूठ की उम्मीद 
  • अगर झूठे हुए आरोप तो धूमल लें राजनीतिक संन्यास 
  • अच्छा होता नादौन से मंगवाया जाता राजस्व रिकॉर्ड तथ्यहीन आरोप पर बनता है मानहानि का केस
    सुक्खू ने  कहा कि 2008 में वह पहले ऐसे विधायक बने थे, जिन्होंने पत्रकार वार्ता कर अपनी संपत्ति आय के स्रोतों सहितsukhu-and-dhumal1 सार्वजनिक की थी, उनका राजनीतिक जीवन पारदर्शिता, संघर्ष और कर्मठता का उदाहरण है। वह विधायक जरूर रहे, लेकिन सत्ता में नहीं, न ही कभी चेयरमैन, मंत्री या सीएम बने, उनके पास जो भी संपत्ति है, वह मेहनत से अर्जित की हुई है, जिस 769 कनाल जमीन की धूमल बात कर रहे हैं, वे उनके नाम पर कहां है, बताने का कष्ट करें। धूमल ने जमीनी सौदे व अवैध खनन के खिलाफ आज तक पुलिस में एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई। लोकायुक्त को इसकी जांच के लिए शपथ पत्र क्यों नहीं देते। इससे साफ है कि सियासी फायदे के लिए उन पर कीचड़ उछाला जा रहा है। तथ्यहीन आरोप लगाने पर उनके खिलाफ मानहानि का केस बनता है। पूरा हिमाचल जानता है कि बेनामी जमीन सौदे तो पूर्व मंत्री राजीव बिंदल और प्रवीण शर्मा ने प्रेम कुमार धूमल और अनुराग ठाकुर के लिए किए हैं, उनके बेनामी सौदों की जांच क्यों नहीं कराई। 2012 के विधानसभा चुनाव के शपथ पत्र में उन्होंने अपनी चल.अचल संपत्ति का जिक्र है, जिसमें खरीदी गई और पुश्तैनी जमीन भी दर्शाई गई है।पूर्व सीएम कोई भी आरोप लगाने से पहले शपथ पत्र को सही तरीके से पढ़ लें, उसके अलावा अगर कहीं उनकी संपत्ति निकलती है तो वह उसे धूमल के नाम कर देंगे। धूमल बताएं कि कानूनी तरीके से जमीन खरीदकर उन्होंने गलत क्या किया है। क्या उनके पुत्रों ने प्रदेश में कहीं जमीनें नहीं खरीदीं। सुक्खू ने कहा है कि जिन्होंने भी उन पर निराधार आरोप लगाए हैं, उनके खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।

https://youtu.be/pmSDPulp1sg

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