Covid-19 Update

2,05,499
मामले (हिमाचल)
2,01,026
मरीज ठीक हुए
3,504
मौत
31,526,622
मामले (भारत)
196,707,763
मामले (दुनिया)
×

वीरभद्र के बोल : छवि खराब करने के लिए विपक्ष ने रची साजिश

वीरभद्र के बोल : छवि खराब करने के लिए विपक्ष ने रची साजिश

- Advertisement -

Virbhadra Singh Enforcement Directorate : नई दिल्ली  / शिमला। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई योजनाबद्ध तरीके से साजिश के तहत उनकी सार्वजनिक छवि को विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत धूमिल करने का प्रयास है। मेरे खिलाफ योजनबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि  प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जब्त की गई संपत्ति के तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है, ताकि मामले को सनसनीखेज बनाया जा सके।  वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनकी राजनीतिक छवि को खराब करने के लिए विरोधी साजिश रचेंगे, इसकी तो उन्हें अपेक्षा थी, लेकिन यह चिंता का विषय है कि एक उत्तरदायी सरकार की एजेंसी इस प्रकार का व्यवहार करेगी और उनके खिलाफ -झूठी अफवाहें फैलाएगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश की निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है और ईडी व सीबीआई का उनके खिलाफ  झूठे आरोपों की जांच के लिए दुरूपयोग किया जा रहा है, हालांकि अभी तक इन मामलों में उन्हें कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। आरएसएस पृष्ठभूमि के एक अधिकारी  विनोद शर्मा उप निदेशक आयकर फरीदाबाद को उनके कार्य क्षेत्र से बाहर जाकर आयकर विभाग चंडीगढ़ से मिले निर्देशों के अनुसार झूठी, आधारहीन तथा मनघंड़त सर्वेक्षण रिपोर्ट एवं डोजियर तैयार करने को कहा गया, जिसका उद्देश्य प्रवर्तन निदेशालय एवं सीबीआई को झूठे मामले तैयार करने में सहायता देना था।


1.20 करोड़ में खरीदा था फार्म लैंड

जहां तक फार्म लैंड खरीदने का मामला है उसे उनके बेटे विक्रमादित्य की मै. मैपल कंपनी द्वारा 1.20 करोड़ में खरीदा गया था, जिसके लिए उनके बेटे ने अपने खाते से 90 लाख की अदायगी उचित बैंकिंग चैनलों के माध्यम से की और इसकी अदायगी उन्होंने स्वयं व्यक्तिगत जमा पूंजी से दी। उनके परिवार ने वी चन्द्र शेखर से 5.90 करोड़ रुपए की राशि का ऋण लिया और उस राशि को  समय पहले पूरे ब्याज के साथ वापस किया। उन्होंने कहा कि यह रिकार्ड में दर्ज है कि संपत्ति1.20 करोड़ रुपए में खरीदी गई लेकिन ईडी द्वारा इसकी मूल्यांकन 27 करोड़ रुपए का किया गया।

यह भी पता चला है कि एक अधिकारी अजय सिंह जिनकी धर्मपत्नी उत्तर प्रदेश में बीजेपी की विधायक है, को नई दिल्ली स्थित आयकर के सहायक आयुक्त के रूप में मैपल की संपत्ति के आकलन की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिन्होंने जानबूझ कर इस संपत्ति के मूल्य का कई गुणा आकलन कर इसे 27 करोड़ रुपए का दर्शाया और अब ईडी आधारहीन राजस्व आकलन की राशि को सनसनीखेज बनाने के लिए 27 करोड़ रुपए दर्शा रही है, ताकि उनकी छवि को खराब किया जा सके।

उन्होंने कहा कि यह सभी तथ्य रिकार्ड पर हैं लेकिन फिर भी  2013 से उनको तथा उनके परिवार के सदस्यों को कई केंद्रीय एजेंसियों द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रर्वतन निदेशालय यह सब एक सुनियोजित योजना के तहत कर रहा है, यह इस बात से साफ होता है कि कंपनी की संपत्ति को संबंद्ध करने से पहले उन्हें कानूनी नोटिस तक नहीं दिया गया और मीडिया को इस कार्रवाई के बारे में गैर सरकारी रूप में सूचित किया गया और सबसे बड़ी बात यह है कि कार्रवाई का समय इसे और अधिक संदेहास्पद बताता है। उन्होंने कहा कि इसी मामले को 2012 में प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी नेता अरूण जेटली ने भी राजनीतिक लाभ के चलते उठाया था लेकिन प्रदेश के लोगों ने उनके इन आरोपों को पूर्ण रूप से खारिज किया और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को सत्ता सौंपी। उन्होंने कहा कि वे इन सभी आरोपों के विरूद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे और वे पाक साफ एवं राजनीतिक रूप से विजयी होकर निकलेंगे।

यह भी पढ़े : ये क्या बोल गए शांताः Himachal की Politics नालायक

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है