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निर्देश : Modern Technique से बढ़ाएं मत्स्य उत्पादन, बेहतर किस्म के Seed तैयार करें अधिकारी

निर्देश : Modern Technique से बढ़ाएं मत्स्य उत्पादन, बेहतर किस्म के Seed तैयार करें अधिकारी

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बिलासपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि गोबिन्दसागर, कौलडैम, गोविंद सागर डैम तथा प्रदेश के अन्य मत्स्य उत्पादन करने वाले मुख्य केन्द्रों में आधुनिक तकनीक का प्रयोग करें, इसके साथ ही बेहतर किस्म के सीड तैयार कर मत्स्य उत्पादन को बढ़ाने कि दिशा में भी कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी क्षेत्र में यदि बांध के अनियमित जलप्रवाह के कारण मत्स्य पालन प्रभावित हो रहा है और मछुआरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है तो इस पर उचित कार्रवाई करके इसके समाधान के लिए प्रभावी पग उठाए जाएंगे, ताकि मत्स्य उत्पादन में और अधिक ईजाफा हो सके।
वह शुक्रवार को बिलासपुर में समीक्षा बैठक के दौरान बोल रहे थे। इस दौरान  ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि ग्रामीण स्तर में युवाओं पर बेहतर रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए केंद्र के साथ-साथ प्रदेश सरकार भी प्रयासरत है। कई ऐसी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं, जिनका केंद्र बिंदु युवा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वे भी प्रदेश के युवाओं, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के उत्थान के लिए नई-नई योजनाएं बनाए, ताकि प्रदेश स्तर पर इन योजनाओं का लाभ प्रत्येक निर्धन वर्ग के लोगों को प्राप्त हो सके।

सरकार का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को रोजगार देना

वीरेंद्र कंवर ने बिलासपुर स्थित मत्स्य विभाग के निदेशालय के सभागार में विभागीय अधिकारियों से समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को ग्रामीण स्तर पर ही स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि पशुपालन, मत्स्य पालन तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर यद्यपि लोगों को अनेक योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है, लेकिन इस क्षेत्र में योजनाओं के विस्तारीकरण व उन्हें प्रचारित करने व संयुक्त रूप से कार्य करने की भी आवश्यकता है, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति उन योजनाओं का लाभ उठाकर विकास की गति में शामिल हो सके। उन्होंने मत्स्य पालन में और अधिक संभावनाएं तलाशने के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने अनुभवों और विभागीय संसाधनों को प्रयोग करते हुए मत्स्य उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रयास करें, ताकि लोगों को इस क्षेत्र में और अधिक रोजगार के अवसर प्रदान हो सके।

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