Covid-19 Update

2,05,391
मामले (हिमाचल)
2,01,014
मरीज ठीक हुए
3,503
मौत
31,484,605
मामले (भारत)
196,043,557
मामले (दुनिया)
×

Voter List को लेकर दायर मामले पर High Court का फैसला सुरक्षित

Voter List को लेकर दायर मामले पर High Court का फैसला सुरक्षित

- Advertisement -

High Court Decision : शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला नगर निगम के चुनाव से जुड़ी वोटर लिस्ट में संशोधन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 9 मई को जारी आदेशों के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। प्रार्थी राजू ठाकुर के अनुसार चुनाव आयोग ने नगर निगम शिमला के चुनाव टालने के इरादे से यह अधिसूचना जारी की है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ के समक्ष आज इस मामले की सुनवाई हुए।  प्रार्थी राजू ठाकुर ने राज्य निर्वाचन आयोग के स्पेशल रिविजन ऑफ इलेक्ट्रोल रोल्स के आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिकाकर्ता ने निर्वाचन आयोग के इन आदेशों को असंवैधानिक और गैर कानूनी बताया। याचिककर्ता ने कहा कि संविधान की धारा 243 यू में स्थानीय निकायों के चुनावों के एक भी दिन टालने या आगे खिसकाने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला तर्क संगत नहीं हैं।

नगर निगम शिमला के चुनाव करवाने का आदेश देने का आग्रह

राजू ठाकुर ने इस फैसले को रद करने और निर्वाचन आयोग को चार जून से पहले नगर निगम शिमला के चुनाव करवाने का आदेश देने का आग्रह भी कोर्ट से किया है।  प्रार्थी के अनुसार शिमला नगर निगम चुनावों को चार जून तक पूरा किया जाना ही संवैधानिक होगा, क्योंकि इसके बाद नियमों के तहत नगर निगम के सदन को एक भी दिन की एक्सटेंशन नहीं दी जा सकती। गौर हो कि इससे पहले भी नगर निगम शिमला के चुनावों से जुड़ी वोटर लिस्टों का मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। इसमें कोर्ट ने  तीस अप्रैल और पहली मई को वोटर लिस्टों में नाम जोड़ने का अतिरिक्त समय दिया था। अब चुनाव आयोग के 9 मई को जारी आदेशों के अनुसार नगर निगम शिमला के नए वोटरों को बनाने के काम को विभिन्न चरणों से पूरा करने के बाद 23 जून को सेप्लीमेंटरी लिस्ट टू जारी करने के आदेश जारी कर दिए। प्रार्थी ने आयोग के इन्हीं आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।


स्थानीय निकायों के चुनाव समय पर करवाए जाए

चुनाव आयोग के अनुसार उन्होंने 11 अप्रैल को नगर निगम के चुनाव से जुड़ी मतदाता सूचियां प्रकाशित कर दी थी। इन सूचियों में खामियां होने के कारण आयोग के समक्ष भारी संख्या में शिकायतें आने लगी। आयोग के अनुसार उन्होंने भरसक प्रयास कर 5 मई को अंतिम मतदाता सूचियां जारी कर दी थी, लेकिन फिर से इन सूचियों में खामियों को दर्शाते हुए कई लोगों ने इन्हें फिर से संशोधित करने की मांग की। आयोग ने माना कि पंचायतीराज अधिनियम की धारा 243 यू (3) ए के तहत उनका यह दायित्व है कि स्थानीय निकायों के चुनाव समय पर करवाए जाए, लेकिन उन्हें स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए यह निर्णय लेना पड़ा।

ये भी पढ़ें  : Sukhu के बयान पर Virbhadra का पलटवारः किसी की मेहरबानी से नहीं बना CM

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है